धर्म अध्यात्म

सूर्य भगवान की आरती

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जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव |

राजनीति मदहारी शतदल जीवन दाता |

षटपद मन मुदकारी हे दिनमाणि ताता ||

जग के हे रविदेव, जय जय जय रविदेव |

नभमंडल के वासी ज्योति प्रकाशक देवा |

निज जनहित सुखहारी तेरी हम सब सेवा ||

करते हैं रविदेव, जय जय जय रविदेव |

कनक बदनमन मोहित रुचिर प्रभा प्यारी |

हे सुरवर रविदेव, जय जय जय रविदेव ||

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