राजनीती

जयराम सरकार को युवा अफसरों पर भरोसा, इन तेज नौजवान IAS को सौंपी जिलों की कमान जानिए वजह

हिमाचल में नए युवा अफसरों पर भरोसा जताते हुए जयराम सरकार ने नौजवान आईएएस पर जिलों की कमान सौंपी है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में युवा जोश को जिलों की जिम्मेवारियां सौंपते हुए डीसी बनाया गया है।

रिचा वर्मा- डीसी हमीरपुर

जिला हमीरपुर में हाल ही में युवा आईएएस रिचा वर्मा ने पदभार संभाला है। 2012 की बैच की पासआउट रिचा क्वालिफायड डैंटिस्ट भी हैं। हमीरपुर डीसी का पदभार संभालने से पहले वे बतौर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर कांगड़ा और सब डिविजनल मैजिस्ट्रेट (सिविल) नाहन और डलहौजी में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। पदभार संभालते ही सामाजिक कार्यों में डीसी ने भाग लेना शुरू किया है और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत माताओं को सम्मानित भी किया है।

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राकेश कुमार प्रजापति- डीसी ऊना

2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राकेश कुमार प्रजापति डीसी ऊना का पदभार संभालने से पहले हमीरपुर में उपायुक्त के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। डीसी राकेश कुमार प्रजापति कांगडा जिला के नूरपुर में बतौर एसडीएम और शिमला में बतौर एडीसी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं, पदभार ग्रहण करने के उपरांत उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि ऊना वासियों को बेहतरीन प्रशासनिक सेवाएं मिलें, इस दिशा में जो भी संभव होगा, कदम उठाए जाएंगे तथा आम जनमानस की समस्याओं का त्वरित निदान को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

हरिकेश मीणा- डीसी चंबा

डीसी चंबा हरिकेश मीणा 2012 बैच के आईएएस अधिकारी है। इससे पहले वह हिमाचल सरकार में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके है। डीसी चंबा का मेन फोकस जिले में कृषि क्षेत्र को और जैविक खेती को बढावा देना है। शहर को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कर व्यवस्थित करना है। सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के अलावा डिग्री कॉलेज चंबा के लिए खेल मैदान का प्रबंध करना है।

संदीप कुमार- डीसी कांगड़ा

भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2010 बैच के उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार ने 1997 मे हिमाचल प्रशासनिक सेवा मे पदार्पण किया था। बैजनाथ और पांवटा साहिब में एसडीएम रहने के अलावा वे पूर्व मे कागड़ा मे सहायक आयुक्त एव अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के साथ-साथ केसीसीबी मे प्रबंध निदेशक के पद पर भी सेवाएं दे चुके है। उपायुक्त कांगड़ा का कार्यभार संभालने से पूर्व वह नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक पद पर कार्यरत थे। डीसी संदीप का मुख्य लक्ष्य जिले मे सफाई व ट्रैफिक व्यवस्था करना है साथ ही जिले के दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ाना भी फोकस में रहेगा।

ऋग्वेद मिलिंद- डीसी मंडी

2011 बैच में 67वां रैंक हासिल करने वाले महाराष्ट्र ठाणे के 33 वर्षीय युवा आईएएस अफसर के हाथों सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी की कमान है। हालांकि, मंडी में काम करना उनके लिए नया अनुभव नहीं होगा। इससे पहले वह पंद्रह माह तक मंडी में एडीसी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा कांगड़ा के नगरोटा बगवां में खंड विकास अधिकारी, एसडीएम बैजनाथ के पदभार का भी अनुभव है। मंडी में तैनाती से पहले वह बिलासपुर के उपायुक्त रहे हैं।

विवेक भाटिया- डीसी बिलासपुर

2011 के बैच के पासआउट विवेक भाटिया ने स्नातक परीक्षा इलैक्ट्रोनिक्स में एनआईटी हमीरपुर से पास की। डीसी बिलासपुर का पदभार संभालने से पहले इससे पहले विवेक भाटिया लाहौल-स्पीति में उपायुक्त के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त बंदोबस्त अधिकारी कांगड़ा, भू-रिकॉर्ड विभाग के निदेशक और वर्तमान में उपायुक्त का पदभार ग्रहण करने से पूर्व खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और परिवहन विभाग के निदेशक रहे। सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करना और सरकारी कार्य में पारदर्शिता लाना डीसी भाटिया का मुख्य लक्ष्य है।

ललित जैन- डीसी सिरमौर

पंजाब के खरड़ कस्बे से आईएएस बनने वाले ललित जैन पहले शख्स है। 2011 बैच के युवा आईएएस ने 41वां रैंक हासिल किया था। आईएएस बनने से पहले ललित जैन ने 2003-2005 के बीच देश के नामी अंग्रेजी समाचार पत्र से जुड़े। उनके पिता भी पत्रकारिता से जुड़े थे। बता दें कि डीसी सिरमौर का पदभार संभालने से पहले पहले ललित इन्फोरमेशन डायरेक्टर इन हिमाचल गर्वनमेंट रह चुके हैं। सिरमौर में टूरिज्म को बढ़ावा देना, सफाई व्यवस्था बरकरार रखना, कानून व्यवस्था को बनाए रखना, बेटी बचाओ अभियान को जोर देना, पर्यावरण को बचाए रखने पर काम करना, गउशालाओं में गायों के उचित रखरखाव आदि पर इनका विशेष ध्यान है।

विनोद कुमार- डीसी सोलन

2009 बैच के आईएएस विनोद कुमार कुमार ने 1995 में हिमाचल प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में कार्य शुरू किया। अपने लंब कार्यकाल में वे विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। सोलन डीसी का पदभार संभालने से पहले वे कांगड़ा जिला के बंदोबस्त अधिकारी एवं मुख्यमंत्री के धर्मशाला में विशेष सचिव पर तैनात थे। सोलन में उपायुक्त का कार्यभार संभालते ही उन्होंने कहा कि जन कल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों के लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाना और जनसमस्याओं का समयबद्ध निपटारा करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

यूनुस- डीसी कुल्लू

ज़िला कुल्लू की महिलाओं को स्वच्छता और मासिक धर्म के प्रति फैली कुरीतियों से बचाने के लिए आईएएस अधिकारी यूनुस के कदम अब सार्थकता की और बढ़ने लगे है। 2010 बेच के आईएएस अधिकारी आज जहां सामाजिक कार्यो के लिए जनता के बीच लोकप्रिय है। वहीं, डीसी के नेतृत्व में जिला भी विकास की और अग्रसर है। सितम्बर 2016 में कुल्लू डीसी का पदभार संभालने से पहले यूनुस ऊना ज़िला में डीसी के पद पर कार्यरत थे। उससे पहले नालागढ़ में खनन माफिया को रोकने के लिए भी डीसी यूनुस ने अपनी जान दांव पर लगा दी थी। यूनुस ने डीसी कुल्लू के कार्यकाल में जिला कुल्लू को देश भर में खुला शौच मुक्त किया और स्वच्छता के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया। वही, डीसी यूनुस को भारत ज्योति अवार्ड, अब्दुल कलाम इनोवेशन इन गवर्नेंस अवार्ड, राष्ट्रीय एकता अवार्ड तथा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

अश्वनी कुमार- डीसी लाहौल-स्पीति

2011 बैच के आईएएस लाहौल-स्पीति के डीसी अश्वनी कुमार ने जिला में बतौर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) के पद पर ढाई साल तक अपनी सेवाएं प्रदान की है और भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय समस्यां से भली भांति परिचित है। डीसी अश्वनी का मेन फोकस लोगों को राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना और कठिन भौगौलिक स्थितियों में लोगों की हर संभव मदद करना है।

अमित कश्यप- डीसी शिमला

2008 के आईएएस अधिकारी अमित कश्यप की गिनती एक स्वच्छ छवि के अफसरों में की जाती है। शिमला डीसी का पदभार संभालने से पहले अमित कश्यप कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे चुके हैं। वहीं, 40 साल पहले इनके पित केएस कश्यप शिमला के डीसी रह चुके हैं। शिमला में आम जनता को न्याय दिलाना और महिला सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।

गोपाल चंद- डीसी किन्नौर

डीसी किन्नौर गोपाल चंद इससे पहले बंदोबस्त अधिकारी शिमला डिविजन नियुक्त थे। जिले की बागडोर संभालते ही उन्होंने कहा कि किन्नौर की मुश्किल भौगोलिक स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद की जाएगी साथ ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

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