राजनीती

अब हर क्षय रोगी को दवा के साथ-साथ हर माह ये राहत देगी जय राम सरकार,फिर साबित हुआ ये है आम जनता की सरकार

प्रदेश की जय राम सरकार अपने कार्यो के दम पर प्रदेश की जनता की नजरों में छाई हुई है.एक के बाद एक अच्छी अच्छी योजनाओं का लाभ प्रदेश की आम जनता को मिल रहा है.अब हर क्षय रोगी को नि:शुल्क दवाईयों के साथ-साथ हर माह 500 रुपए की राशि भी मिलेगी। प्रदेश सरकार की ओर से यह राशि उनके खातों में हर माह जारी होगी, जब तक उनका इस बीमारी से संबंधित उपचार चलेगा।

इसके पीछे तर्क यह दिया गया है ताकि मरीज सही पोषण ले सके। इस योजना को शुरु करने और मरीजों की पहचान करने के लिए सभी अस्पताल मुखियों को दिशा-निर्देश जारी हो गए हैं। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सभी मरीजों का बाकायदा डाटा तैयार होगा और उनको अपने बैंक खाते की जानकारी अस्पतालों में देनी होगी, जहां से उसका उपचार शुरु होगा।

उनकी पहचान के लिए भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें डोर-टू-डोर पहुंच कर उन्हें बीमारी से पॉजिटिव आने पर नि:शुल्क दवाइयां घरों के नजदीक ही उपलब्ध करवाएगी। यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर पर ऐसे मरीजों की पहचान कर उन्हें 100 फीसदी दवा दे कर स्वास्थ्य बनाने की योजना का अमलीजामा पहनाने का कार्य शुरु हो रहा है।

समय पर इलाज हो तो मरीज हो सकता है ठीक |दरअसल कुछ मरीज दवा को नियमित कोर्स तक न लेकर बीच में छोड़ देते हैं या फिर ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार शुरू करवा देते हैं। जिससे यह बीमारी बिगड़ जाने पर वह जहां परिजनों को भी इसकी चपेट में लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं दूसरे लोगों को भी इस बीमारी का भय रहता है। ऐसे में यदि समय पर ही इसका सही उपचार शुरू हो जाए तो मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है। सरकार की ओर से 2022 तक टीबी मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। यहीं कारण है कि मरीजों की पहचान के लिए सभी ब्लॉकों में आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर की टीमें गठित कर मरीजों को चिन्हित किया जाएगा ताकि उनका शीघ्र उपचार शुरू हो सके। गर्दन या बगल में गांठ होने के अलावा रात में पसीना आना, भूख कम लगना और वजन कम होना इसके लक्षणों में शामिल हैं।

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मरीज को ऐसे जारी होगी राशि

सरकार की ओर से जारी निर्देशों के तहत मरीज को अपना बैंक खाता, आधार कार्ड की जानकारी स्वास्थ्य केंद्र को देनी होगी। यदि खाता न हो तो मरीज शून्य बैंलेंस पर इस खुलवा सकेगा। सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र की ओर से उपचारित सभी टीबी के रोगियों को यह राशि जारी हो सकेगी। इस राशि से दरअसल उन गरीब परिवारों को ज्यादा लाभ मिल सकेगा, जो दवा के दौरान पूरी तरह से पोषण नहीं ले पाते। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत पहले ही ऐसे मरीजों के नि:शुल्क दवा को प्रावधान किया गया है। यही नहीं इस बीमारी के मरीज अब उपचार से वंचित भी नहीं रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग अब टीमें बनाकर गांव-गांव जाकर ऐसे मरीजों की पहचान करेगी ताकि मरीज का समय रहते इलाज कराया जा सके और साथ में अब मरीजों पर 500 रुपए की राशि भी दी जाएगी।

पहचान के लिए डोर-टू-डोर पहुंचेगी टीमें |स्वास्थ्य विभाग की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. सवित्री कटवाल का कहना है कि सरकार की ओर से जो मरीज इस बीमारी से ग्रसित होगा उसे हर माह 500 की राशि भी निक्षय पोषण योजना के तहत जारी होगी। मरीजों की पहचान के लिए विभाग की टीमें डोर-टू-डोर भी पहुंच कर चिन्हित करेंगी ताकि उनका शीघ्र उपचार शुरू हो सके। स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक मेडिकल आफिसर डॉ. संजय भारद्धाज का कहना है कि मरीजों को नि:शुल्क दवाइयों को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। यदि पूरा कोर्स हो जाए तो उनका रोग ठीक हो सकता है। जांच के लिए सरकार की ओर से आधुनिक तकनीक की मशीनें भी अस्पतालों में उपलव्ध करवा दी हैं। उपचार शुरू होते ही मरीज हर मरीज को बैंक खातों की जानकारी मुहैया करवा देनी चाहिए ताकि राशि हर माह जारी हो सके।

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