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डॉ. नाराम, आयुर्वेद का जादूगर जिसके मात्र छूने से लोग स्वास्थ्य हो जाते हैं ….देखिये दिलचस्प पोस्ट और वीडियो !

dr. naram ayurveda doctor

डॉ पंकज नारम, भारत के वैद्य रत्न / आयुर्वेदचार्य (एमडी, पीएचडी, डीएससी, आयुर्वेदिक उपचारक) और नाड़ी निदान, वैकल्पिक चिकित्सा के दो उल्लेखनीय समय-परीक्षण रत्नों में अग्रणी है। नाड़ी परीक्षण और हीलिंग प्रक्रिया में इन्होने पूरी दुनिया में भारत के आयुर्वेद का लोहा मनवाया है..लाखों लोगों ने मात्र नाड़ी परीक्षण से अपनी जटिल बीमारियों का न केवल समाधान पाया बल्कि अच्छे से सेहत और खोई हुई शक्ति और स्वास्थ्य पुनः प्राप्त किया !!

डॉ नाराम परम पावन, बड़े बड़े हॉलीवुड के सेलिब्रिटीज हस्तियों की सूची के इलावा एक दिन 400 रोगियों को देखते हैं, तिब्बतियों के धर्मगुरु महामहिम दलाई लामा भी डॉक्टर नार्म से अपना नाड़ी परीक्षण करवा चुके हैं ! । नारम कनाडा, इंग्लैंड, जर्मनी, हॉलैंड, भारत, इटली, स्विट्ज़रलैंड और अमेरिका में स्थित क्लीनिकों के लिए डॉक्टरों (उनकी पत्नी सहित) और पोषण सलाहकारों के साथ यात्रा करते हैं, गंभीर व्यसन, चिंता, गठिया, कैंसर, पुरानी थकान, अवसाद, मधुमेह, एचआईवी / एड्स, उच्च रक्तचाप, बांझपन, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियां, त्वचा और साइनस विकार इनको मात्र नाड़ी परीक्षण के जरिये पकड़ लेते हैं और अचूक विधियों और आयुर्वेदिक दवाइयों द्वारा दूर भगा देते हैं !

डॉ. नारम के मुताबिक, कोई भी बीमारी शरीर के भीतर असंतुलन होने से उतपन होती है बीमारी होती है जिसे आयुर्वेद की भाषा में “दोष” कहा जाता है। दोषों में “वात” (स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार हवा या वायु तत्व), “पित्त” (आग, पित्त, हवा से प्रभावित गर्मी वाली ऊर्जा), “कफ” (पृथ्वी और पानी का संयोजन), शामिल है और “आम” (विषाक्त श्लेष्म)। गर्भधारण के पल में निर्धारित, मनुष्यों के पास प्रत्येक तत्व होता है, जिसमें एक की बहुतायत या दो का एक प्रमुख संयोजन होता है…इन्ही तत्वों के संतुलन बिगड़ने से शरीर में सभी तरह के रोग और व्याधियां उत्पन होती हैं !

पश्चिमी चिकित्सा में प्रशिक्षित डॉक्टर रोगियों की बीमारियों का निदान करने के लिए कई परीक्षणों पर भरोसा करते हैं, पंकज नारम केवल एक उपकरण – नाड़ी पर निर्भर करते है।आयुर्वेद के अनुसार कलाई और गर्दन पर आमतौर पर महसूस की जाने वाली नाड़ी, हृदय के संकुचन के कारण धमनियों की थ्रोबिंग से होती है । 30 साल पहले अपने गुरु बाबा रामदास के तहत पल्स-रीडिंग का अध्ययन करने वाले डॉक्टर नाराम ने इसमें महारत हासिल की, और देखते ही देखते उनकी मेहनत सटीक विश्लेषण और निदान पूरी दुनिया में मशहूर होने लगे, बड़े बड़े सेलिब्रिटी, दुनिया के चर्चित चेहरे उनके मुरीद होते चले गए और डॉक्टर नाराम नाड़ी निदान में विश्व में ख्याति के शिखर पर पहुँच गए ! भारत को उनकी इस महान उपलब्धी और आयुर्वेद के प्रसार को विश्व में जीवित रखने के लिए गर्व है !

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