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हिमाचल के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य सतीश शर्मा द्वारा सोनिया गाँधी की जन्म कुंडली का किया विश्लेषण

Sonia Gandhi Astro

हिमाचल के ज्योतिषाचार्य सतीश शर्मा अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए प्रसिद्द हैं. कुछ समय पूर्व इन्होने बाबा राम रहीम, आसा राम बापू के ऊपर उनको सज़ा मिलने से पहले ही सटीक भविष्यवाणि की थी लगभग शत प्रतिशत सही साबित हुई. ज्योतिषाचार्य सतीश शर्मा हिमाचल के सोलन शहर से संबंध रखते हैं और राजनैतिक हस्तियों की जन्म कुंडलियों की सटीक भविष्यवाणियों के लिए काफी नाम अर्जित कर चुके हैं.

श्रीमती सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 रात्रि 9:15 पर इटली के वेनेटी क्षेत्र में एक छोटे से गांव लुसियाना में हुआ था। इनके जन्म के समय कर्क राशि मेदिनीय क्षितिज पर उदय हो रही थी। लग्न का स्वामी चंद्रमा मिथुन राशि में राहु के नक्षत्र आर्द्रा पर था।इनकी जन्म कुंडली में मालव्य, बुधादित्य, सुनफा, काहल, अमर तथा धन योग हैं। इन योगों के होते हुए सोनिया गांधी अपार सम्पत्ति की स्वामिनी बनी, विश्व विख्यात हुई, भारतीय राजनीति के शिखर पर हैं। श्रीमती इंदिरा गांधी के समान ही इनका कर्क लग्न है एवं शनि लग्न में है।

उन्होंने अपनी शिक्षा बासानो नामक स्थान पर रोमन कैथोलिक स्कूल में ली। इनके पिता एक बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर थे जिनकी मृत्यु वर्ष 1983 में हुई। उस समय उन्हें शनि ग्रह की महादशा में केतु ग्रह का अंतर चल रहा था। केतू ने पिता के कारक ग्रह सूर्य को ग्रसित किया हुआ है जिस कारण केतु की अंतर्दशा पिता की मृत्यु का कारण बनी। वर्ष 1964 में यह इंग्लिश पढ़ने कैंब्रिज गईं, जहां 1965 में इनकी मुलाकात राजीव गांधी से एक रेस्टोरेंट में हुई। इस समय इन्हें पति के कारक ग्रह गुरु में सप्तमेश शनि का अंतर चल रहा था। यह समय इनके लिए परिवर्तनकारी सिद्ध हुआ।


21मई 1991 में जब सोनिया गांधी को शनि ग्रह की महादशा में राहु का अंतर आया तो एक आतंकवादी हमले में उनके पति श्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गयी। सोनिया गांधी की कुंडली में लग्नस्थ शनि तथा एकादश भावस्थ राहु उनके सप्तम भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं। सप्तम भाव पति का प्रतिनिधित्व करता है, इस कारण इस दशा में यह पति सुख से वंचित हो गई। वर्तमान समय में सोनिया गांधी को केतु ग्रह की महादशा चल रही है। केतु ग्रह की महादशा 23 अगस्त 2012 को प्रारंभ हुई तथा 23 अगस्त 2019 को समाप्त होगी। संकटा योगिनी की दशा 13 सितंबर 2010 को प्रारंभ हुई थी एवं 13 सितंबर 2018 को समाप्त होगी। यह समय उनके लिए अनुकूल नहीं है। जिससे शारीरिक कष्ट, संतान की ओर से चिंता, अदालत मुकदमे बाजी से नुकसान, पार्टी में संघर्ष एवं कलह में व्यतीत होगा ।

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केतु की दशा अगस्त 2019 को समाप्त हो कर शुक्र की महादशा प्रारंभ होगी, तब तक सोनिया गांधी 73 वर्ष की हो जाएंगी तथा राजनीति में इनकी रुचि भी समाप्त हो जाएगी। केतु एक राज भंग योग कारक ग्रह है। 17 जुलाई 2017 से 26 मार्च 2018 तक केतु में शनि का अंतर अत्यंत कष्टकारी रहेगा । अगले चुनाव में जो कि 2019 में होने वाले हैं सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के सत्ता में आने की कोई भी संभावना नहीं है। और इसी के साथ नेहरू वंश परंपरा का समापन हो जाएगा।

व्यक्तिगत जीवन में होने वाले उतर चढ़ाव हर इंसान की गृह दशा से जुड़े होते हैं, अगर आपके पास सही जनम कुण्डलु है तो एक ज्योतिष का जानकार आपके भूतकाल और भविष्य में होने वाली कुछ घटनाओ को ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से बता सकता है. ज्योतिषाचार्य सतीश शर्मा का कहना है, हालाँकि कर्मो के फल से निबटना ही पड़ता है और बिना निबटे ही निकल जाना आसान नहीं, पर कुछ श्रेष्ट उपाए और ज्योतिष प्रयोजन से उनसे होने वाले नुक्सान को कुछ कम जरूर कर सकते हैं…जैसे बारिश भयंकर हो रही है तो ज्योतिष शास्त्र बारिश तो नहीं हटा सकता, पर एक अच्छा छाता आपके लिए तैयार करवा सकता है ताकि आप उस प्रचंड बारिश से ज़यादा प्रभावित न हो ! इनकी प्रोफाइल लिंक नीचे दिया गया है, किसी को ज्योतिष मंथन करवाना हो तो इन्हे मैसेज कर सकते हैं !

Astrologer Satish

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