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दिल के मरीज अगर इमरजेंसी में अाईजीएमसी पहुंचे तो उन्हें मिलेगी ये बहुत बड़ी राहत, अच्छी पहल मरीजों को होगा बड़ा फायदा

दिल की बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए आईजीएमसी प्रशासन ने एक ओर राहत दी है। अब हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी किसी भी बीमारी में इमरजेंसी के दौरान मरीजों को अपनी जेब से कोई पैसा खर्च नहीं करना होगा। उन्हें प्रशासन सारी सुविधाएं इमरजेंसी में मुहैया करवाएगा। इसमें महंगी से महंगी दवा व इंजेक्शन इमरजेंसी में उपलब्ध रहेगी, हार्ट अटैक के दौरान इमरजेंसी में तुरंत यह इंजेक्शन व दवाएं मरीजों को रिलीफ देगी। प्रशासन ने यह व्यवस्था शुरू कर दी है। दावा किया जा रहा है कि मरीजों को किसी भी दवा व इंजेक्शन के लिए कैमिस्ट के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। सभी दवाएं इमरजेंसी से ही मिलेंगी।

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एंबुलिक कार्डिक मॉनिटर की सुविधा भी शुरूः हार्ट के मरीजों को इमरजेंसी में एंंबुलिक कार्डिक मॉनिटर की सुविधा भी दी गई है। यह मॉनिटर हार्ट के मरीजों की सभी धमनियों की गति का रिकार्ड रखता है। इसकी मॉनिटरिंग से मरीज की स्थिति का जायजा लगाया जाता सकता है। इसमें सांस, नाड़ी, हार्ट बीट की गति रिकार्ड होती है। यदि हार्ट के मरीज की हार्ट बीट या सांस की गति अधिक हो जाती है तो इस मॉनिटर में अलार्म बजना शुरू हो जाता है, ऐसे में डॉक्टर सतर्क हो जाते हैं और दवा व इंजेक्शन लगाते हैं।

हार्ट मरीजों के लिए इमरजेंसी में सभी सुविधा फ्री, प्रशासन ने मरीजों को राहत देने के लिए निर्णय लिया

2500 का लेना पड़ता था स्ट्रेप-20इससे पहले इमरजेंसी में हार्ट में दर्द होने व जमे खून की ब्लॉकेज को खोलने वाले ‘इंजेक्शन स्ट्रेप-20 काईनेज निजी कैमिस्ट शॉप में करीब 2500 रुपए का मिलता था। लेकिन इमरजेंसी में यह निशुल्क लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लॉट खोलने के लिए लगाया जाने वाला इंजेक्शन ‘हैपरिन भी इमरजेंसी में फ्री उपलब्ध करवाया जाएगा। इसकी कीमत भी मेडिसन शॉप में करीब 500 रुपए है। हार्ट अटैक की जांच के लिए लगाई जाने वाली किट ट्रोपोनिन आई किट भी इमरजेंसी में उपलब्ध करवा दी गई है। इसकी कीमत भी बाहर 650 से 700 रुपए की है। दिल के मरीजों को इमरजेंसी में दी जाने वाली दवा सोरबी ट्रेट, डिस्प्रिन, पेनकिलर आदि दवाएं रखी गई है।

डॉ. जनक राज, को जय राम सरकार ने IGMC का वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया है डॉ जनक ने बहुत ही अच्छे कार्यों से अपनी नियुक्ति को सही ठहराया है.आपको हम यहां बता देना चाहते है कि डॉ जनक राज जब भी अपने गावं जाते है तो वहां पर भी मरीजों को देखने से पीछे नहीं रहते हैं.उनके इस पद पर आने के बाद से काफी बदलाव IGMC में देखने को मिले है।

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पहले खर्चने पड़ते थे पैसे इससे पहले आईजीएमसी में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को कई दवाएं व इंजेक्शन बाहर से लाने पड़ते थे। खासकर हार्ट अटैक के दौरान इंजेक्शन बाहर से ही मंगवाए जाते थे। इससे जहां मरीजों को दवा लेने के लिए भटकना पड़ता था, वहीं उन्हें अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ती थी।

इमरजेंसी में अन्य दवाओं के साथ हार्ट के मरीजों को सभी दवाएं व इंजेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे। आईजीएमसी में आए हार्ट के मरीजों को बाहर से महंगी दरों पर इंजेक्शन व दवाएं लेने की जरूरत नहीं है। यदि किसी मरीज से दवा या इंजेक्शन मंगवाया जाता है तो वह मुझसे शिकायत कर सकता है। डॉ. जनक राज, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी आईजीएमसी

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