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खतरे की घंटी : ASI के बैन के बावजूद जान बूझ के ताज महल में नमाज़ अदा की, दिखाना चाहते हैं अपनी ताकत !

Viral Bharat / November 14, 2018
namaz ban taj

कानून को ठेंगा दिखते हुए ताज महल में नमाज़ अदा की गई, मुसलमानो ने ASI (आर्केयोलॉजिकल विभाग ) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ठेंगा दिखते हुए आगरा के ताजमहल परिसर में जान बूझ के नमाज़ अदा की. उनका मकसद नमाज़ पढ़ना नहीं बल्कि कैसे वो कानून को ठेंगा दिखा के अपनी मनमानी कर सकते हैं ये था. आगरा का ताज महल कोई मस्जिद नहीं है, बल्कि एक पुरातत्व और पर्यटन केंद्र है, वहां नमाज़ पढ़े का कोई मतलब है है फिर भी जान बूझ के इसमें अपना प्रभुत्व दिखाने के लिए नमाज़ पढ़ी गई ताकि उनपे कार्यवाही हो और पूरे मुस्लिम समाज को फिर से ऐसे दिखाया जाये जैसे वो भारत में सरकार के रहमो कर्म पे जी रहा है ! ये एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया है ताकि भारत को अंतराष्ट्रीय मीडिया में बदनाम किया जा सके को वो मुसलमानो पे ज़ुल्म ढाने वाला देश है !

अब जब ये मामला मीडिया के सामने आया तो ताजमहल के अंदरनमाज पढ़ने को लेकर विवाद गहराता ही जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट और ASI की रोक को दरनिकार करते हुए, कुछ लोगों ने टिकट खरीदकर ताजमहल के अंदर मस्जिद में जानबूझकर नमाज पढ़ी. जानकारी के मुताबिक, इस दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) अधिकारी और कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश सभी की, लेकिन वो नहीं माने. ताजमहल के अंदर नमाज पढ़ने का ये ये मुद्दा अब सोशल मीडिया वायरल हो रहा है.

मस्जिद ताजमहल इंतजामिया कमेटी के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह 11.30 बजे माल रोड स्थित एएसआई कार्यालय में अधीक्षण पुरातत्वविद बसंत कुमार से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा. वहां से लौटकर कमेटी के अध्यक्ष सैयद इब्राहीम हुसैन जैदी ने उन्हें बताया कि एएसआई से नमाज अदा नहीं करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश मांगा, लेकिन वे आदेश नहीं दिखा सके.

आगरा: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने मुसलमानों को शुक्रवार को छोड़कर आगरा में ताजमहल परिसर में मस्जिद में नमाज की पेशकश करने से मना कर दिया है। इस आदेश ने समुदाय के बीच एक विवाद को उकसाया है, भले ही एएसआई अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि वे जुलाई में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू कर रहे थे।

जुलाई के आदेश में, शीर्ष अदालत ने स्थानीय प्रशासन की दिक्कत को बरकरार रखा था कि टोपी ने गैर-निवासियों को ताजमहल की सुरक्षा के मस्जिद में शुक्रवार नमाज की पेशकश करने से रोकने की मांग की थी। चूंकि ताजमहल शुक्रवार को जनता के लिए बंद रहता है, स्थानीय निवासियों को प्रवेश टिकट खरीदने के बिना 12 बजे से 2 बजे के बीच प्रार्थना करने की अनुमति है।