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आरोप झूठे साबित होने के बाद, OSD शिशु धर्मा के इस कड़े कदम से आरोप लगाने वालों में मची खलबली,आप भी रह जाओगे दंग

Viral Bharat / November 17, 2018

बीते दिनों में, हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर के OSD शिशु धर्मा पर कुछ गंभीर आरोप लगाए गए थे! चूँकि आरोप में किसी “वीडियो” का जिग्र किया गया था, कुछ पत्रकारों ने बिना तथ्यों की जानकारी अथवा बिना छानबीन के, इन आरोपों को खबर बनाकर छाप दिया था! किसी ने इन आरोपों के विषय में पड़ताल तो दूर, OSD शिशु धर्मा की स्टेटमेंट तक लेने का कष्ट नहीं किया! आखिरकार, जल्दी थी तो इन आरोपों को मसाला लगा के जनता के बीच पेश करना, एक कर्मठ नेता का राजनैतिक करियर खत्म करना व वर्तमान जयराम सरकार को कमजोर करना!

कुछ पत्रकारों ने आशा महंत, पूर्व भाजपा मंडल महिला मोर्चा पदाधिकारी और उनके पति अश्वनी महंत, पूर्व जिला भाजपा OBC मोर्चा पदाधिकारी, द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों के आधार पर, मी टू (MeToo) कैंपेन से भी जोड़ने की नाकाम कोशिश की!

लेकिन इससे पहले की झूठ कुछ और फैलता, सोशल मीडिया पर एक CCTV वीडियो की फुटेज आने से, दूध का दूध और पानी का पानी हो गया! इस वीडियो से साफ़ पता चल गया कि आशा महंत व अन्य पार्टी पदाधिकारी, वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में, अपनी पार्टी की बजाय, कांग्रेस के उम्मीदवार से गुप्त मीटिंग कर रहे थे! इसी वजह से इन सभी को, पार्टी के विभिन्न पदों से मुक्त कर दिया गया था! लेकिन, इस अनुशासन कार्यवाही के चलते, कभी भविष्य में एक साफ़ छवि के नेता पर मनगढंत आरोप लगेंगे, ये शायद किसी ने न सोचा होगा।

CCTV वीडियो की फुटेज से भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ही नहीं, आम जनमानस की भी समझ में आ गया कि सारे आरोप निराधार और एक राजनितिक षड़यंत्र का हिस्सा हैं! मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया!

अश्वनी महंत ने भी वीडियो फुटेज आने पर अपील की कि अब इस मामले को यहीं पर खत्म कर दिया जाए! उन्होंने ये तो कह दिया की किसी “गलतफमी” के चलते आरोप लगे, लेकिन ये नहीं बताया कि शिशु धर्मा पर लगे झूठे आरोपों से जो हानि हुयी है, उसका क्या!

उन्होंने, अश्वनी महंत व आशा महंत को क़ानूनी नोटिस भेजा है कि वह अपनी गलती स्वीकार करें और माफीनामा, उन सभी समाचारपत्रों के मुखपृष्ठ पर प्रकाशित करें जिनमें भ्रामक प्रचार किया गया था! शर्तें न मानने की दशा में, लीगल नोटिस के तहत, एक करोड़ पांच लाख तक के मुआवजे की बात कही गई है!

झूठे आरोपों और मिथ्याचार के लिए, एक लीगल नोटिस निम्नलिखित व्यक्ति व संस्थाओं को भी भेजा गया है:

१. विजय कुमार चोपड़ा, अविनाश चोपड़ा, अमित चोपड़ा, शारदा आनंद, दिव्या,राजीव धीमान व हिन्द समाचार स्ट्रीट पक्का बाग़ (जालंधर) के सभी निर्देशक,दिव्या हिमाचल के संपादक अनिल सोनी,दिव्या हिमाचल पत्रकार मस्त राम दलेल,पंजाब केसरी संपादक आर एस जॉली,राजीव पथरिया, पंजाब केसरी ब्यूरो चीफ,न्यूज़ 18, मैनेजिंग डायरेक्टर,शशि भूषण व रणवीर सिंह (पत्रकार, न्यूज़ 18 हिमाचल) .

इन लीगल नोटिस के तहत भी, माफीनामा समाचारपत्रों के मुखपृष्ठ पर न छापने की दशा में, एक करोड़ पांच लाख के मुआवजे की बात कही गई है!हालाँकि जनता सच जान चुकि है कि ये सब एक राजनैतिकी साजिश के तहत किया गया था लेकिन, शिशु धर्मा न्याय के अभिलाषी हैं और वह उन्हें जरूर मिलना चाहिए!