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कैबिनेट ने इन कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, यहां जानिए 20 बड़े फैसले

Viral Bharat / November 20, 2018

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने ग्रामीण महिलाओं को संस्थागत व सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए इंटरफेस प्रदान कर उन्हें सशक्त करने के मकसद से राज्य में सशक्त महिला योजना को कार्यान्वित करने की मंजूरी प्रदान की गई। योजना में ग्रामीण महिलाओं को सतत् आजीविका अवसरों से जोड़ना तथा प्रशिक्षण प्रदान कर उनके कौशल उन्नयन की परिकल्पना है।

कैबिनेट ने जिला के सराज क्षेत्र में राजकीय फार्मेसी कालेज खोलने को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की। मंडी जिला के मंडल में उप-तहसील सृजित करने के लिए अपनी सहमति प्रदान की। उप-तहसील के तहत कुल नौ पटवार वृत होंगे जिनमें 12440 की आबादी शामिल होगी। बैठक में सिरमौर जिला के पुलिस थाना राजगढ़ के तहत यशवंत नगर में विभिन्न श्रेणियों के सात पदों के सृजन सहित पुलिस चौकी खोलने को मंजूरी प्रदान की गई। इससे क्षेत्र के 48 गांवों के लोग लाभान्वित होंगे।बैठक में शिमला जिला के बालूगंज पुलिस थाना के तहत शोघी में पुलिस चौकी खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में हिमाचल प्रदेश महिला एवं बाल कल्याण निदेशालय में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) के 54 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक में राष्ट्रीय बाल गृह योजना के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित बाल गृहों में तीन बाल गृह कार्यकर्ताओं तथा बाल गृह सहायकों के 15 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में उद्योग विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के दस पदों के सृजन तथा इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में कार्यरत अशंकालीन जल वाहकों सहित राज्य सरकार के सभी विभागों में कार्यरत अंशकालीन कार्यकर्ताओं, जिन्होंने 31 मार्च, 2018 तथा 30 सितंबर, 2018 को लगातार आठ वर्षों का सेवाकाल पूरा कर लिया है, को दैनिक भोगी में बदलने का निर्णय लिया।

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला की थूरल तहसील की ग्राम पंचायत भरांटा के सैन गांव में आवश्यक पदों के सृजन सहित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हिमाचल प्रदेश कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग में वार्डर के 84 रिक्त पदों को भरने की स्वीकृत प्रदान की गई।बैठक में हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में श्रेणी-3 व श्रेणी-4 के विभिन्न 10 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की गई।कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश नगर नियोजन निमय 2014 की धारा 35 में संशोधन करने को मंजूरी प्रदान की ताकि विभिन्न न्यायिक निर्णयों के संदर्भ में विभिन्न निर्माणों में विचलन (डेविएशन) को जल्द से जल्द संयोजित (कपाउंड) किया जा सके। बैठक में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा राज्य के शहरों में भीड़भाड़ को कम करने तथा धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए रोप-वे प्रणाली पर प्रस्तुति दी गई।

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बैठक में राज्य में हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना (हैल्थकेयर) को लागू करने का निर्णय लिया गया। योजना के तहत परिवार फलोटर आधार पर प्रति परिवार (अधिक से अधिक पांच सदस्यों के लिए) प्रतिवर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये की कैशलैस उपचार कवरेज प्रदान की जाएगी। उपचार सूचीबद्ध किए गए अस्पतालों में पूर्व परिभाषित पैकेज के आधार पर प्रदान किया जाएगा। आयुषमान भारत के तहत सूचीबद्ध अस्पताल स्वतः स्वास्थ्य देखभाल योजना के लिए भी सूचीबद्ध होंगे।योजना में राज्य के वह सभी परिवार शामिल होंगे जो आयुषमान भारत योजना के तहत शामिल नहीं हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने राज्य में गौवंश के संरक्षण व कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश गौसेवा आयोग की स्थापना करने को अपनी मंजूरी प्रदान की। आयोग गौवंश के कल्याण में लगे गौसदनों, गौशालाओं, गौ-अभ्यारणयों, गौ विज्ञान केंद्रों तथा सामुदायिक पशु पालन केंद्रों आदि संस्थानों को नियंत्रित करेगा। आयोग बे-सहारा गायों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में भी मद्दगार होगा।

मंत्रिमंडल ने पट्टा नियमों के अनुसार पतजंलि योग पीठ को पट्टा राशि की स्वीकृति प्रदान की। हिमाचल प्रदेश राज्य शहरी ठोस कचरा प्रबन्धन नीति को भी मंजूरी प्रदान की गई। नीति का उददेश्य कचरा प्रबंधन गतिविधियों का इस ढंग से संचालन करना है जो न केवल पर्यावरण, सामाजिक तथा वित्तीय तौर पर टिकाऊ हो, बल्कि आर्थिक तौर पर भी व्यवहार्य हो।चंबा जिले में महिला शक्ति केंद्र योजना को कार्यान्वित करने की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना तथा सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में उनकी मदद करना है। इस योजना के कार्यान्यन के लिए महिला कल्याण अधिकारी का एक पद तथा जिला समन्वयक के दो पदों को भरने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में मोटर वाहन नियम के उलंघन तथा राज्य राजकोष में और राजस्व सृजित करने के दृष्टिगत प्रदेश में अन्य राज्यों के वाहनों के प्रवेश पर लगने वाले संमिश्र शुल्क को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक में कांगड़ा जिला के नूरपुर स्थित सरकारी भूमि को उपमंडलीय कार्यालय (नागरिक) के पुराने भवन सहित न्यायिक परिसर निर्माण के लिए स्थानान्तरित करने को भी मंजूरी प्रदान की गई।