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अवैध पार्किंग पर सरकार सख्त फैसला , साथ ही 24 घंटे में ये सुविधा देने के आदेश जारी किये सरकार ने

शिमला के खलीनी में सोमवार को हुए बस हादसे के बाद सरकार अवैध पार्किंग पर हरकत में आ गई है। जैसा की अब ये साफ़ हो चूका है कि सड़क के किनारे खड़ी कारों की वजह से ये दर्दनाक हादसा पेश आया था। इस दर्दनाक हादसे को रोका जा सकता था अगर सड़क के किनारे गाड़ियां अवैध रूप से खड़ी नहीं की गयी होती। अब सवाल यही है की वो गाड़ियां थी किसकी ? सरकार की ? प्रशासन की ? या वहां की आम जनता की ? तो इसका जवाब साफ़ है की ये गाड़ियाँ वहां की आम जनता की ही थी।

आखिर कब तक हम लोग अपनी जिमेवारी से भागते रहेंगे और सरकार को हर चीज के लिए दोष देते रहेंगे। जब तक हम सभी अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझेंगे तब तक हम बदलाव नहीं ला पाएंगे। सरकार भाजपा की हो या कांग्रेस की हो जब कभी भी इस तरह की घटना पेश आती है आम जनता सीधा दोष सरकार को देती है। दैनिक ट्रिब्यून ने भी साफ़ साफ़ लिखा है की ये बस हादसा सिर्फ सड़क के किनारे अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों की वजह से पेश आया।4 घंटे में येलो लाइन पार्किंग की सुविधा देने के आदेश4 घंटे में येलो लाइन पार्किंग की सुविधा देने के आदेश

 

अब जब सरकार सख्त करवाई करेगी तो भी कुछ लोग इसका विरोध शुरू कर देंगे और फिर सरकार को ही सारा दोष देने लगेंगे। ख़ैर अब सरकार सख्त निर्णय लेने को बाध्य हो चुकी है इसीलिए सरकार ने शहर में सड़क के दोनों ओर गाड़ियां खड़ी करने पर पूर्ण रोक लगा दी है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार शाम अधिकारियों की बैठक ली।

इसमें उपायुक्त शिमला अमित कश्यप और नगर निगम आयुक्त पंकज राय के अलावा कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन से शहर के लिए पार्किंग का प्लान मांगा। आयुक्त ने करीब साढ़े 11 हजार वाहनों के लिए तैयार की गई येलो लाइन पार्किंग का प्लान सीएम के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नगर निगम इसका ब्यौरा तुरंत जिला प्रशासन को दें और मंगलवार से ही शहर में इनकी सुविधा लोगों को दी जाए। जिला प्रशासन को मंगलवार को ही इस पार्किंग की अधिसूचना जारी करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए। स्कूली बच्चे जिस स्टॉपेज पर रुकते हैं, उसके 50 मीटर के दायरे में किसी भी वाहन की पार्किंग पर पाबंदी लगा दी गई है। पुलिस प्रशासन को व्यवस्था देखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सेटबैक के दायरे में निजी पार्किंग विकसित करने के पहलू पर भी विचार करेगी। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, परिवहन मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर ने भी सुझाव दिए।

निगम आयुक्त को वार्डों में जगह चिन्हित करने को कहा है, जहां लोहे के एंगल लगाकर पार्किंग तैयार की जा सकती है। पार्षदों को दस दिन के भीतर इसके प्रपोजल नगर निगम को देने होंगे। हर वार्ड में सौ सौ वाहनों के लिए पार्किंग बनाने को कहा है।

उपायुक्त शिमला अमित कश्यप का कहना है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में जो दिशा निर्देश जारी किए हैं, उन्हें मंगलवार से ही लागू कर दिया जाएगा। कहा कि अवैध पार्किंग पर सख्ती के लिए पुलिस को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।

-सड़कों पर एकतरफ ही येलो लाइन पार्किंग लगेगी
-शहरभर में पार्किंग और नो पार्किंग जोन के साइन बोर्ड लगाए जाएंगे
-10 जुलाई तक प्रशासन को छोटी पार्किंग के लिए भी जगह चिन्हित करनी होंगी
-सरकारी विभागों को अपने परिसर में ही तैयार करनी होगी पार्किंग सुविधा
-सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए सरकार अभियान चलाएगी

मुख्यमंत्री ने हादसे में मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों का निशुल्क उपचार करने को लेकर भी विभाग को दिश निर्देश जारी किए हैं।

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