राजनीती राज्यों से

दुःखद दुर्घटना पर राजनीती करने वालें ये पढ़कर खुद तय करें की किसकी सरकार में HRTC में सुधार हुआ ? फैसला आम जनता का

दिनांक 1 जुलाई 2019 को शिमला में HRTC की बस दुर्घटना ग्रस्त हुई थी जोकि चेल्सी स्कुल के बच्चों को लेकर जा रही थी। इस दुखद हादसे में दो मासूम बच्चों सहित ड्राइवर की जान चली गयी थी। बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर कुछ लोगों दुवारा और कांग्रेस दुवारा कुलेषित राजनीती से प्रेरित बयान दिए जा रहे हैं और इस दुःख भरी घटना को भी राजनीती का अड्डा बना दिया गया।

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कांग्रेस के समय HRTC की हालत क्या थी ? और अब भाजपा के समय HRTC की हालत क्या है ? आज आप ये सचाई जानकार खुद तय कीजिये कौन सच्चा हो कौन झूठा।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने  झूठा आरोप लगाया कि बस की इन्सुरेंस समाप्त हो चुकी थी। लेकिन अब हम आपको इसकी सचाई बताते हैं ये एक राजनितिक बयान था जो की सिर्फ झूठ से प्रेरित था। सच ये है की १७ जुलाई २००७ को हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी HRTC की बसों को मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 146 , उपधारा (3) के तहत छूट प्रदान की गयी थी।

दूसरा गलत आरोप लगाया गया था की बच्चों को ले जाने के लिए HRTC द्वारा पुरानी खटारा बसों को भेजा जाता था जबकि नई बसें खड़ी रहती थी। इस झूठ का सच जान लेना भी आप सभी के लिए बहुत जरूरी है ये आरोप निराधार और झूठा है शिमला शहर में वर्तमान में 62 बसें स्कूली छात्रों लाने ले जाने में सेवारत हैं। हाल ही में HRTC ने शिमला शहर में 30 नई बसें शुरू की थी तथा 20 छोटी बसें जल्दी आने वाली हैं।

जहाँ तक नई बसें खड़े होने का सवाल है ये आरोप भी तथ्यहीन था झूठा है कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 325 नीली बसें बेकार खड़ा छोड़ दिया था जिसके लिए कांग्रेस सरकार द्वारा कोई प्रयास नहीं किये गए थे ,जबकि प्रदेश में जयराम सरकार के आने पर सरकार द्वारा न्यायालय में अपना उचित पक्ष रखकर इन बसों को चलाने की अनुमति ली गयी तथा सरकार द्वारा इनके लिए सही रूट परमिट भी जारी किये गए जिसके परिणाम स्वरूप आज 325 में से 235 बसें सड़को पर चल रही है।

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इन 235 बसों के अतिरिक्त भाजपा सरकार ने 132 नए रूटों पर HRTC की बसें चलाई हैं।

तीसरा आरोप लगाया जा रहा है कि स्टाफ की कमी के कारण नई बसें खड़ी हैं। ये सच है कि वर्तमान में HRTC में ऑपरेशनल स्टाफ की कमी है,लेकिन HRTC की कोई भी बस स्टाफ की कमी के कारण नहीं खड़ी है। वर्तमान में HRTC में चालकों की कमी दूर करने के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है जिसके तहत 176 समान्य श्रेणी तथा 186 पूर्व सैनिक कोटे से कुल 362 पद भरे जा रहे हैं। इसी प्रकार वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही 1087 TMPA को नियुक्ति प्रदान की थी। साथ ही 502 परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जा रही है।

HRTC एवं प्रदेश की परिवहन व्यवस्था सुधार के लिए भाजपा सरकार के सफल प्रयास:-.

1.प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद लोगों की सुविधा के लिए 132 नये बस रुट्स पर HRTC की बसें चलाई गई है जो प्रतिदिन 22291 किलोमीटर का सफ़र तय करते हैं।

2. वर्तमान सरकार के कार्यकाल में HRTC की कवरेज में करीब चार प्रतिशत का इजाफ़ा हुआ है।

3. पिछली सरकार ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए कौशल विकास भत्ते पर युवाओं की सेवाएं बिना किसी नीतिगत फैसले की ली जिससे उनके कई साल बर्बाद हो गए, जबकि भाजपा सरकार ने सरकार बनने के तुरन्त बाद 1087 TMPA को नियुक्ति प्रदान की है और भविष्य में TMPA को परिचालक का पदनाम एवं वेतन प्रदान करने का निर्णय लिया है जिससे उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके, आजकल चालकों के सामान्य श्रेणी के 176 तथा पूर्व सैनिकों के 186 चालकों के पदों के लिए अंतिम साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही हैं तथा 502 परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द प्रारम्भ की जा रही है। जिससे HRTC के संचालन में दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

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4. प्रदेश की भाजपा सरकार ने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इंटीग्रेटेड पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू करने की प्रक्रीया प्रारम्भ कर दी है जिससे बसों के रुट्स, लोकेशन, स्टॉप पर पहुँचने का समय, खाली सीटों की जानकारी प्राप्त होगी। इस व्यवस्था से HRTC तथा निजी बसों की ओवरलोडिंग, गतिसीमा, तथा रेश ड्राइविंग को रियल टाइम में जांचा जा सकेगा तथा तदनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। साथ ही यात्रियों का इन्तजार का समय कम होगा तथा सेवाओं पर भरोसा बढेगा।

5. बसों में सफर करने वाले यात्रियों को असुविधा न हो इसलिए परिवहन निगम ने विशेष कदम उठाए हैं, जैसे- लम्बे रुट्स पर से आने वाली बसों को एक या दो घन्टे में कवर होने वाले लोकल रुट्स पर चलाया जाएगा तथा चालक एवं परिचालकों को अतिरिक्त कार्य के लिए विशेष इंसेंटिव प्रदान किये जाएंगे, छुटियों पर गये कर्मचारियों को उनकी रजामंदी पर वापिस बुलाया जाएगा, तथा अन्य सेवाओं पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं बसों में ली जा रही है।

6.वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 3078 HRTC बसों का बेडा है जिसमें से ओसतन 10 प्रतिशत प्रति वर्ष नक्कारा हो जाती है, भाजपा सरकार ने बसों को नक्कारा घोषित करने की निति में भी संशोधन किया है जिसके तहत बसों की किलोमीटर कवरेज, तकनिकी स्थिति, आयु तथा बुक वैल्यू का समिति द्वारा परिक्षण किया जाता है तदोपरांत ही बसों को नक्कारा घोषित किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप HRTC की बसों का फ्लीट स्वस्थ रखा जा रहा है।

7. भाजपा सरकार ने बीते डेढ़ वर्ष में HRTC के बेडे में कोई नई बसें शामिल नहीं की है, जिससे लम्बी दुरी की बसों के संचालन में निगम को कई बार मुश्किलें आ रही है, लम्बी दुरी की बसों को लोकल रुट्स पर बदला जाए तथा लम्बी दुरी पर नई बसें चलाए जाने की योजना से प्रदेश के अन्दर तथा बाहर बस सेवाओं में सुधार किया जाएगा .

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