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Budget 2019: बजट में टैक्स से जुड़े क्या-क्या हुए बड़े ऐलान, जानिए यहां एक क्लिक में अभी

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को टैक्स से जुड़े हुए कई ऐलान किए। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। क्योंकि पिछली बार ही ५ लाख तक की टेक्स में छूट दी जा चुकी थी। हालांकि मिडिल क्लास को खुश करने के लिए टैक्स से जुड़ी कुछ राहतें इस बार भी दी गईं। मसलन अगर आपको टैक्स बचाना है, तो ई-वीइकल या फिर घर खरीदने पर खर्च करना होगा। जानिए बजट में टैक्स से जुड़े प्रावधानों की हर जानकारी.

टैक्स बचाना है, तो इलेक्ट्रिक वीइकल खरीदें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इलेक्ट्रिक वीइकल खरीदने पर इनकम टैक्स में 1.5 लाख की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलेगी। यह छूट वाहन खरीदने को लिए गए लोन पर दिए जाने वाले ब्याज पर मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की जीएसटी दर में भी कटौती होगी। इसे 12 प्रतिशत से कम करके 5 प्रतिशत किया जाएगा।

45 लाख तक का घर खरीदने पर टैक्स में छूट
अगर कोई शख्स लोन लेकर 45 लाख रुपये तक का घर खरीदता है तो उसे इनकम टैक्स में 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट मिलेगी। यह छूट उन्हें ही मिलेगी जो होम लोन मार्च 2020 से पहले या उस महीने तक लेंगे।

25% कॉरपोरेट टैक्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 400 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों पर 25 प्रतिशत की दर से कॉरपोरेट कर लगाने का प्रस्ताव किया। अभी तक 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों पर 25 प्रतिशत की दर से कर लगता था। वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि कंपनियों की कारोबार सीमा बढ़ने से अब 99.3 प्रतिशत कंपनियां घटे हुए दर (25 प्रतिशत) के दायरे में आ जाएंगी। उन्होंने कहा कि नई दर लागू होने के बाद केवल 0.7 प्रतिशत कंपनियां ही 25 प्रतिशत से ऊपर के कॉरपोरेट कर के दायरे में रह जाएंगी। सालाना 400 करोड़ रुपये से ऊपर का कारोबार करने वाली कंपनियों को 30 प्रतिशत की दर से कॉरपोरेट कर लगेगा।

अमीरों पर बढ़ा टैक्स का बोझ
आम बजट से अमीरों पर टैक्स का बोझ बढ़ने की बात भी कही जा रही है। 2 करोड़ की आय तक टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 2 से 5 करोड़ की आय पर 3 फीसदी अतिरिक्त कर लगेगा। वहीं 5 करोड़ से ज्यादा की आय पर 7 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगेगा।

बैंक से साल में 1 करोड़ निकालने पर टैक्स
बैंकों से एक साल में एक करोड़ रुपये की अधिक की निकासी पर अब दो फीसदी टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स) लगेगा। यानी, बैंकों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी करने पर दो फीसदी कर चुकाना पड़ेगा।

डीजल, पेट्रोल पर 1 रुपये उपकर
वित्त मंत्री ने देश में पेट्रोल एवं डीजल पर लगने वाले उपकर में एक-एक रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते आयात को हतोत्साहित करने के परोक्ष उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत में अप्रैल मार्च 2018-19 के दौरान तेल आयात 140.47 अरब अमेरिकी डॉलर (9,83,147.76 करोड़ रुपये) था, जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 108.66 अरब अमेरिकी डॉलर (7,00320.81 करोड़ रुपये) था। डालर के लिहाज से तेल आयात में 29.27 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।

टैक्स रिटर्न भरना है, तो आधार भी चलेगा
अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं हो, तो भी आप इनकम टैक्स रिटर्न भर पाएंगे। बजट में प्रावधान किया गया है कि इनकम टैक्स रिटर्न अब आधार के जरिए भी फाइल किया जा सकेगा।

सोने पर बढ़ी कस्टम ड्यूटी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने पर कस्टम ड्यूटी 2.5 प्रतिशत बढ़ा दिया है। वित्त मंत्री ने सोने पर कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया है। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से सोने की कीमतें बढ़ जाएंगी।

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कारोबारियों को मिलेगी छूट
देश में नकदी-रहित लेनदेन को बढ़ावा देने की कोशिशों के तहत सरकार ने शुक्रवार को ऐलान किया कि 50 करोड़ रुपये तक का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारी संस्थान या कंपनियां अपने यहां खरीदारी करने वालों को किफायती डिजिटल भुगतान सुविधा दे सकती है। इसके तहत ऐसे प्रतिष्ठानों या उनके ग्राहकों से कोई डिजिटल भुगतान शुल्क या मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं लिया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा, ‘ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठान, जिनका वार्षिक कारोबार 50 करोड़ रुपये से अधिक है, वे अपने ग्राहकों को कम लागत वाली डिजिटल भुगतान सुविधा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए व्यापारियों एवं ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त प्रभार नहीं लगाया जाएगा।’ वित्त मंत्री ने कहा कि कम लागत पर भुगतान के लिए भीम यूपीआई, यूपीआई-क्यूआर कोड, आधार पे, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसी कई डिजिटल भुगतान व्यवस्थाएं हैं। इन प्रणालियों का इस्तेमाल देश को नकदी रहित अर्थव्यवस्था की तरफ ले जाने के लिए किया जा सकता है।

टैक्सपेयर्स को वित्त मंत्री ने कहा धन्यवाद
इससे पहले सीतारमण ने ईमानदारी से इनकम टैक्स देने वालों को धन्यवाद कहा। उन्होंने बताया कि डायरेक्ट टैक्स 2013-14 में 6.38 लाख करोड़ से बढ़कर 2018-19 में बढ़कर 11.37 लाख करोड़ हुआ।

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