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जानिए क्यों करते हैं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को इतना पसंद,जानकार आपको भी गर्व होगा अपने CM पर

Viral Bharat / July 11, 2019

सुर्खियों से दूर रहने वाले जयराम मंडी के एक किसान परिवार से आते हैं. उन्होंने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई की और यूनिवर्सिटी के दिनों में ही राजनीति में कदम रखने का फैसला किया.मुख्यमंत्री बने हुए १ साल ८ महीने से ज्यादा
का समय हो चूका है और इस समय में अपने कार्य करने की क्षमता से ये साबित कर दिया है कि वो इस मुख्यमंत्री पद के लिए एक सही उमीदवार थे !

बहुत से लोग नहीं जानते है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर शुरू से ही प्रधानमंत्री मोदी की पंसद रहे है.इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है उनका व्यक्तित्व जी हाँ अपनी ईमानदार छवि की वजह से जय राम ठाकुर प्रधानंमंत्री मोदी की नजरो में हमेशा से बने रहे हैं.आप इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए खुलकर वजट का प्राबधान किया।आपको हम बता दें कि अमित शाह ने जमकर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की कुछ समय पहले तारीफ की थी और ये पुरे हिमाचल वासियों के लिए गर्व की बात है हमें जय राम ठाकुर जैसा ईमानदार और कुशल मुख्यमंत्री मिले हैं !

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जय राम ठाकुर जब महज 28 वर्ष के थे तब उन्होंने पहली बार 1993 में चाचिओट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था. वह 800 वोटों के अंतर से पहला चुनाव हार गये थे लेकिन भाजपा नेतृत्व का ध्यान अपनी तरफ खींचने में कामयाब रहे.इसके बाद 1998 में ठाकुर ने इसी सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके बाद मंडी जिले की इस चाचिओट 2010 में परिसीमन के बाद सेराज नाम दिया गया को अपना गढ़ बना लिया और यहां से लगातार पांच बार जीतने का रिकॉर्ड बनाया.

वोटबैंक और अपने समर्थकों का आधार बढ़ाने की उनकी क्षमता ही थी कि 2007 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया. जय राम ठाकुर के प्रदेश अध्यक्ष रहते पार्टी ने यह चुनाव लड़ा था.

जय राम ठाकुर के नेतृत्व में पार्टी पहली बार अपने दम पर इस पहाड़ी राज्य में सत्ता में आई और प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने. ठाकुर ने 2010 से 2012 तक धूमल सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री के तौर पर काम किया.जयराम ने गरीबी को करीब से देखा है और अपने संघर्ष के बल पर एक नई पहचान बनाई है। जयराम ठाकुर के पिता खेती करते थे और उनकी आय बहुत कम थी। गरीबी के कारण जयराम का बचपन गांव में ही गुजरा और स्कूल शिक्षा भी गांव के ही स्कूल में पूरी करनी पड़ी।

1980 में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के दो साल उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया। जयराम के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी वह कॉलेज की फीस भरने भी असमर्थ थे।जयराम के करीबियों के अनुसार वह दिन में काम करते थे और शाम को कॉलेज जाते थे। कॉलेज के दौरान ही जयराम एबीवीपी और फिर आरएसएस के संपर्क में आए। ग्रेजुएट होने के बाद वह एबीवीपी के पूर्णकालिक सदस्य बन गए। यहीं से उन्होंने सियासत के दांव-पेच सीखने शुरू किए। जयराम ने बाद में जम्मू संगठन के लिए चार साल तक काम किया।

जिस समय लाल कृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा निकाली थी, उस दौरान जयराम सक्रिय रूप से राम मंदिर आंदोलन में शामिल हुए थे। जयराम की शिद्दत को देखते हुए भाजपा ने 1998 में उन्हें चच्योट विधानसभा क्षेत्र से टिकट दी और उन्होंने बड़े अंतर से कांग्रेस नेता मोती राम ठाकुर को हरा दिया। इसके बाद तो जयराम ने सियासत में पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार प्रगति करते रहे। जयराम अब तक 5 बार विधायक बन चुके हैं। क्षत्रिय समाज से ताल्लुक रखने वाले जयराम की प्रदेश पार्टी संगठन में मजबूत पकड़ है। वह हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

सरकार ने प्रदेश हित प्रदेश की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए बहुत अच्छी अच्छी योजनाओं के शुरू किया। विरोधी सिर्फ विरोध करना जानते हैं वो ये कभी नहीं बताने वाले किया जय राम ठाकुर जी के सत्ता में मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से कितना कुछ बदला। आज हम आप सभी को कुछ योजनाओं के बारे में यहां जानकारी देने जा रहे है।

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  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन :- इस के तहत बिना किसी आय सीमा के वृदावस्था पेंशन प्राप्ति की आयु सीमा ८० वर्ष से घटाकर ७० वर्ष किया गया। इस बड़े निर्णय से सीधे तौर पर इस आयुवर्ग के एक लाख ३० हजार वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिला।
  • समाजिक सुरक्षा पेंशन योजना :- इसके अंतर्गत ३२,८०८ नए मामलों को स्वीकृति प्रदान की। आपको हम यहां बता दें की १ अप्रैल २०१८ से अब ४,४६,८०५ लाभ लेने वालों को ७५० रुपए की बड़ी हुई सामजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त हो रही है। आपको यहां बता दें की ७० % से अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों और ७० वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की पेंशन बढ़ाकर १३०० रुपए की गयी।
  • कर्मचारियों के पेंशनरों को एक जुलाई 2013 से 3% अतिरिक्त महंगाई भत्ता जारी किया गया 1 प्रथम जनवरी 2016 से 8% अंतरिम राहत प्रदान की गई जिससे कर्मचारियों को 700 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ मिला आपको हम यहां बता दें कि वजट में 1 जुलाई 2017 से 4% अतिरिक्त अंतरिम राहत प्रदान करने की घोषणा की, इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को 260 करोड़ का लाभ होगा।
  • अनुबंध आधार पर नियुक्त महिला कर्मचारियों का मातृत्व अवकाश 135 दिन से बढ़ाकर 180 दिन किया गया !
  • महिलाओं की सुरक्षा के लिए शक्ति बटन ऐप तथा महिलाओं के प्रति हिंसक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए गुड़िया हेल्पलाइन 1515 आरंभ की गई।
  • साथ ही प्रदेश में बंद माफिया खनन माफिया तथा ड्रग माफिया के विरुद्ध कड़ाई से निपटने के लिए होशियार सिंह हेल्पलाइन 1090 को आरंभ किया गया।
  • मुख्यमंत्री द्वारा कल्याण योजनाओं को ऑनलाइन निगरानी करने के लिए सीएम डैशबोर्ड का आरंभ किया गया। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सीधा लाभ डीवीडी से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए मोबाइल एप्स सुविधा शुरू की गई।
  • ग्राम पंचायत में सभी परिवार रजिस्टर और कैश बुक ऑनलाइन किए गए।
  • जन सुविधा के लिए आरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन व डिस्टल भुगतान की सुविधा आरंभ की गई।
  • प्रदेश के 70 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सहजता से सस्ता राशन उपलब्ध करवाने तथा गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित बनाने के लिए मोबाइल फोन पर ईपीडीएस एचपी मोबाइल एप आरंभ की गई।
  • सरकारी स्कूलों में पहली से जमा दो तक पढ़ने वाले 9 लाख से अधिक विद्यार्थियों को निशुल्क स्मार्ट वर्दी के दो सेट का प्राबधान किया गया।
  • एसएमसी शिक्षकों को 1 साल का सेवा विस्तार दिया गया उनके मानदेय में 20% की बढ़ोतरी की गई जिससे 2630 एसएमसी शिक्षित को फायदा हुआ।