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जंजैहली पर्यटन महोत्सव की शानदार शुरुआत,CM जय राम ठाकुर भी पहुंचेगे पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ता जंजैहली

Viral Bharat / July 11, 2019

जंजैहली पर्यटन महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। जंजैहली पर्यटन की दृष्टि से बहुत आगे जा सकता है जिसके लिए जय राम सरकार बहुत ज्यादा कार्य कर रही है। जंजैहली पर्यटन महोत्सव इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की किया जाता है. जंजैहली पर्यटन महोत्सव में मुख्यमंत्री जी भी कुछ समय निकाल कर जाने वाले हैं जिसको लेकर वहां की जनता में काफी उत्साह है।

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की जंजैहली पर्यटन महोत्सव 14 जुलाई तक चलेगा। जंजैहली पर्यटन के नजरिये से बहुत सुंदर स्थान है जंजैहली से 18 किलोमीटर की दुरी पर शिकारी देवी माता का मंदिर है। शिकारी देवी माता के मंदिर में हर साल हजारो भक्त माथा टेकने के लिए जाते हैं। अगर आप कभी जंजैहली नहीं गए हैं तो एक बार जरूर जाएँ। जंजैहली की सुंदरता देखकर आप वहां अपने आपको दुवारा ले जाने से रोक नहीं पाओगे।

शिकारी देवी मंदिर जंजैहली से लगभग 18 किलोमीटर दूर है और वन का क्षेत्र सड़क से जुड़ा हुआ है। यह 3359 एमआरटी की ऊंचाई पर स्थित है। शिकारी शिखर के रास्ते पर घने जंगलों अद्भुत हैं। मंडी जिले का सर्वोच्च शिखर होने के नाते इसे मंडी का क्राउन भी कहा जाता है। विशाल हरे चरागाह, मनोरंजक सूर्योदय और सूर्यास्त, बर्फ सीमाओं के मनोरम दृश्य इस जगह को प्रकृति प्रेमियों के लिए पसंदीदा बनाते हैं।

सर्दियों के दौरान इस जगह बहुत बर्फ होती है। पैदल पथ से करसोग से संपर्क किया जा सकता है जो शिकारी देवी से सिर्फ 21 किमी दूर है। शिकारी शिखर पर, शिकारियों की देवी शिकारी देवी का एक छत रहित मंदिर है और यह मंदिर पांडवों द्वारा स्थापित किया गया है। ऐसा कहा जाता है कि ऋषि मार्कंडे ने भी इस जगह पर कई सालों तक ध्यान किया। यह देखा गया है कि इस तथ्य के बावजूद कि मंदिर की कोई छत नहीं है, मंदिर परिसर में सर्दियों के दौरान कोई बर्फ नहीं देखा जाता है जब इस मंदिर के आसपास का पूरा क्षेत्र बर्फ से कई फीट तक ढंका होता है। आगंतुक शिकरी से विभिन्न ट्रेक मार्गों के माध्यम से चिंडी, करसोग, जंजैहली यात्रा कर सकते हैं।