राजनीती

जानिए क्या हैं वो सबूत जिनके आधार पर कांग्रेस के दिग्गज घोटालेबाज नेता चिदंबरम को घेरने में जुटी है CBI-ED?

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम इस वक्त INX मीडिया मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की गिरफ्त में हैं. 26 अगस्त तक सीबीआई उनसे कई तरह के सवाल पूछेगी. गुरुवार को जब सुनवाई हुई तब भी पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम पर भी इस मामले में आरोप हैं.२३ दिन तक पुलिस की हिरासत में भी रह चूका है कीर्ति चिंदबरम।

INX मीडिया केस में सीबीआई का कहना है कि पूर्व वित्त मंत्री के बेटे की मदद से कंपनी को FDI लेने में आसानी हुई. सीबीआई का दावा है कि उसके पास इससे जुड़े ईमेल हैं, INX के एमडी और सीएफओ के बयान हैं, पेमेंट के इनवॉइस हैं. जिनका सीधा कनेक्शन INX मीडिया से होते हुए कार्ति चिदंबरम की कंपनियों तक जाता है.

सीबीआई के पास अभी क्या हैं सबूत?

इंडिया टुडे के उस फाइल की कॉपी है जो ईडी ने सीबीआई को मामले की जांच के दौरान दिसंबर, 2016 में बढ़ाई थी. इस फाइल में कंपनी के बॉस के बयान, फाइलें, कार्ति चिदंबरम की कंपनी से जुड़ी चीज़ें हैं. इस फाइल का कच्चा-चिट्ठा कुछ इस तरह है…सरकारी गवाह बन चुकी इंद्राणी मुखर्जी ने सबसे ज्यादा पोल चिदबरम के खिलाफ खोली। 

– 14/15 दिसंबर को ईडी ने सीबीआई को ये फाइल फॉरवर्ड की. (File No – ECIR/05/DZ/2012). इस फाइल में INX मीडिया से अलग एयरसेल मैक्सिस डील को लेकर बात थी.

– ईडी ने सीबीआई को बताया कि जांच में सामने आया है कि एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंस्लटिंग प्राइवेट लिमिटेड ने मंत्रालय से FIPB क्लियरेंस पा चुकी कंपनी से फंड रिसीव किया है. ASCPL कंपनी कार्ति चिदंबरम की है. इसमें बात सामने आई कि INX मीडिया ने ASCPL को 15.7.2008 को पैसे ट्रांसफर किए थे.

– ईडी के द्वारा जो फाइल सीबीआई को बढ़ाई गई है, उसमें INX मीडिया के एमडी, सीएफओ के बयान दर्ज हैं. जो कि 4 नवंबर, 2016 और 16 नवंबर, 2016 को लिए गए थे.

– INX मीडिया के लोगों ने इस बात को स्वीकार किया था कि उनकी कंपनी की कार्ति चिदंबरम की कंपनी चेस मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड से डील हुई थी.

– ईडी ने इस मामले कई अन्य ईमेल भी बरामद किए. इनमें INX मीडिया के अजय शर्मा द्वारा चेस मैनेजमेंट के अधिकारी को भेजा गया मेल भी शामिल है.

– एक अन्य ईमेल में दावा किया गया कि 23 अक्टूबर 2008 को पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ने बयान दिया है कि चेन्नई ने मांग की है कि उन्हें ऑरिजनल बिल चाहिए.

– इसके अलावा सीबीआई के पास आईएनएक्स मीडिया और कार्ति चिदंबरम की कंपनी के बीच की इनवॉइस के सबूत हैं. सीबीआई का कहना है कि उनके पास इससे भी ज्यादा अन्य सबूत हैं.

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