राजनीती राज्यों से

जयराम सरकार की एक और अच्छी पहल मुख्यमंत्री द्वारा लैंड रिकाॅर्ड की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां डिजिटल इंडिया लैड रिकाॅर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली का शुभारम्भ किया। लैंड रिकाॅर्ड के आनलाइन पंजीकरण का यह कार्यक्रम प्रायोगिक आधार पर सर्वप्रथम शिमला (शहरी) और शिमला जिला की कुमारसेन तहसील में शुरू किया गया है।

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया से राज्य में शीघ्र पंजीकरण के साथ आॅनलाइन मूल्यांकन और भुगतान की सुविधा शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इस पायलेट प्रोजेक्ट की सफलता के उपरांत इसे पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि नागरिकों को आॅनलाइन पंजीकरण, स्टाम्प ड्यूटी और ई-मेल अलर्ट की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके द्वारा राजस्व रिकाॅर्डों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भूमि मालिकों के हित में राजस्व रिकाॅर्ड के प्रभावी रखरखाव में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि से जुड़े विवादों को प्रभावी तरीके से निपटाने और राजस्व सम्बन्धी मुकदमों में कमी लाने में भी यह प्रणाली मील पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नकली स्टाम्प पेपर को रोकने के लिए एनजीडीआरएस सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि पंजीकृत दस्तावेज की प्रतिलिपि स्कैनिंग तकनीक के द्वारा सुरक्षित रखी जाएगी और डाउनलोड किए गए दस्तावेज को अधिकृत उपयोगकर्ता द्वारा प्रमाणित प्रतिलिपि उत्पन्न कर देखा जा सकता है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि भूमि मालिकों और खरीददारों को आॅनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने की भी सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को लागू करने वाला देश का 7वां राज्य है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वन नेशन वन साॅफ्टवेयर’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढे़ हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पहली कम्प्यूट्रीकृत भूमि पंजीकरण की प्रति भूमि मालिक राकेश कुमार और मीना को प्रदान की। इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (भारत सरकार) के सचिव अजय प्रकाश सावहनी ने नई दिल्ली से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि एनजीडीआरएस एक यूनिफाॅर्म साॅफ्टवेयर है, जिसका उपयोग उपभोक्ताओं के लाभ के लिए पूरे देश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिलाॅक की सुविधा भी प्रदान की जा रही है ताकि उपभोक्ता अपने जरूरी दस्तावेजों को इसमें सुरक्षित रख सकें।

प्रधान सचिव, राजस्व ओंकर चन्द शर्मा ने मुख्यमंत्री व अन्य का स्वागत करते हुए इस पायलट प्रोजैक्ट की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। संयुक्त निदेशक भूमि रिकाॅर्ड विभाग हुकम सिंह मीणा और राज्य सूचना अधिकारी एनआईसी अजय सिंह चाहल ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
निदेशक भूमि रिकाॅर्ड एवं पंजीकरण महानिरीक्षक देवासिंह नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकान्त बाल्दी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुण्डू, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Related posts

हृदय में है करुणा, जो करेगा हिंदुत्व का शंखनाद…उसका नाम है योगी आदित्यनाथ !!

Viral Bharat

मोदी सरकार की चीन को फिर से दो टूक- मतभेदों को शांति से सुलझाने का पक्षधर लेकिन संप्रभुता से कोई समझौता नहीं

Viral Bharat

बच्चों के बीच पहुँचकर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं के संरक्षण को लेकर बोली कई अहम बातें,देखी बच्चों की प्रतिभा

Viral Bharat