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उधर कांग्रेस उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी,इधर खुल गयी वो घोटाले की फाइल जिससे मचा कांग्रेसी खेमे में हड़कंप

Viral Bharat / October 4, 2019

कांग्रेस राज में काम कम होते है घोटाले ज्यादा अगर खुद घोटाले कम करो तो घोटालेबाजों को संरक्षण दो यही है कांग्रेस का इतिहास। ईमानदार सरकार इस समय सत्ता में है और एक के बाद एक कांग्रेस राज में हुई गड़बड़ियों की पोल जयराम सरकार खोल रही है। आज कांग्रेस को समर्थन करने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ता फिर शर्मिंदा होंगे।

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भाजपा चार्जशीट में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर घोटाले के लगे आरोप की जांच खुल गई है। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो कभी भी एफआईआर दर्ज कर सकती है। विजिलेंस ने इस मामले पर जांच शुरू करने के लिए गृह विभाग से अनुमति मांगी थी, जिसे हरी झंडी मिल गई है। चार्जशीट में आरोप लगे थे कि सिंगल टेंडर कर चहेती कंपनी को ही ऑक्सीजन गैस सिलेंडर आपूर्ति के लिए एग्रीमेंट किया गया। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में तीन कंपनियों ने भाग लिया था, लेकिन तकनीकी छंटनी के दौरान दो कंपनियों को डिसक्वालिफाई कर दिया गया और चहेती कंपनी के नाम बिड खोलने का निर्णय लिया गया।

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बीजेपी चार्जशीट में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि डी-टाइप ऑक्सीजन गैस सिलेंडर मंडी से शिमला पहुंचाने के बाद 205 रुपए प्रति सिलेंडर मिलता रहा, जबकि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय जिस कंपनी को टेंडर दिया गया, वही कंपनी आईजीएमसी में ही 255 रुपए प्रति सिलेंडर के हिसाब से सप्लाई कर रही है। भाजपा चार्जशीट में आरोप हैं कि आईजीएमसी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई कर रही पूर्व कंपनी के साथ 15 साल के लिए टेंडर करवाए गए थे।

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बावजूद इसके 45 रुपए अधिक सिलेंडर के हिसाब से खरीदने का निर्णय पूर्व कांग्रेस सरकार ने लिया था। यहां तक कि पर्चेज कमेटी भी दो-दो बनी थी। टेंडर में ऐसी भी शर्तें थीं कि पांच साल बाद पांच प्रतिशत प्रति वर्ष कीमत बढ़ने से डी-टाइप ऑक्सीजन गैस सिलेंडर 15 वर्ष बाद 425 रुपए में मिलेगा। ऐसे में विजिलेंस भाजपा चार्जशीट में लगे इन आरोपों को खंगालने के लिए जांच शुरू कर दी गइ है। भाजपा ने चार्जशीट में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के खिलाफ कई संगीन आरोप लगाए हैं। जल्द ही विजिलेंस आईजीएमसी में रिपोर्ट खंगालने के लिए दबिश देगी।

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घटिया दवाई सप्लाई की भी होगी जांच

पूर्व की वीरभद्र सरकार के समय हुए घटिया दवाई घोटाले की भी जांच विजिलेंस करेगी। बता दें कि वर्ष 2013 में पांच और 2014 में दो दवा निर्माता कंपनियों में घटिया दवाइयों के सैंपल पकड़े थे, वह भी पंजाब की पुलिस ने। इस दौरान सात ड्रग सैंपल फेल पाए गए। भाजपा चार्जशीट में आरोप हैं कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश के बाहर पांच राज्यों की लैब में पूरे प्रदेश के 421 सैंपल और हिमाचल प्रदेश की लैब में 133 सैंपल फेल हुए थे।