राजनीती, राज्यों से, वायरल

मीडिया का स्तर गिरता हुआ रावण दहन को भी राजनितिक रंग देने की कोशिश सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं तो इस तरह मुद्दे बनाये जा रहे है

Viral Bharat / October 9, 2019

जयराम सरकार जिस तरह प्रदेश हितों में काम कर रही है उससे पूरा विपक्ष बौखलाया हुआ है। प्रदेश को जयराम ठाकुर जी के रूप में एक ईमनादार मुख्यमंत्री मिला है जो प्रदेश और प्रदेश की जनता के लिए दिन रात कार्य कर रहे हैं। इस समय सोशल मीडिया पर हर दिन कुछ मीडिया के पोर्टल तरहं तरह की खबरें परोसते हुए नजर आते है। उसमें से कुछ मीडिया पोर्टल को देखकर सिर्फ यही प्रतीत होता है की वो किसी विपक्षी नेता या विपक्ष के इशारे पर काम कर रहे हैं ?

आज हिमाचल में किसी पत्रकार द्वारा लिखी एक खबर पढ़ी जिसमे रावण दहन को भी राजनीतिक रंग दिया गया। शायद पत्रकार ने राजनीतिक चश्मा पहना हुआ होगा। परंतु मेरा निजी तौर पर यह मानना है कि ये पर्व और त्योहार हम सबके लिए राजनीति से ऊपर होते हैं जिनको इस तरह से लाल, सफेद , हरे रंग में बांटने का काम न किया जाए तो अच्छा है। मुख्यमंत्री जी खुद हरी टोपी लगाते हैं कई बार आपने खुद उन्हें हरी टोपी में देखा होगा।

समाज मे और बहुत से मुद्दे हैं जिन्हें पत्रकार हमारे सामने लाते हैं और कई बार तो उन्हें सुलझाने में भी मदद करते हैं। अगर वही पत्रकार अपने स्तर को गिराते हुए रावण की टोपी के रंग पर खबर बनाने लगे तो ऐसी पत्रकारिता से भरोसा उठना लाजमी है। हिमाचल मुश्किल से इस टोपी की राजनीति से बाहर निकल कर विकास की ओर बढ़ा है तो आप फिर से टोपी को हवा देकर इस विकास को क्यों रोकना चाहते हो। केवल मेरा व्यक्तिगत सुझाव है आगे आपकी इच्छा।

जिस तरह ये मीडिया वाले गंदी राजनीती करते हुए खुद एक पत्रकार से राजनेता बनते हुए ऐसी खबरें लिख रहे हैं उससे प्रतीत होता है ये मीडिया पोर्टल सिर्फ और सिर्फ जयराम सरकार के खिलाफ माहौल और बिना वजह के मुद्दे खड़े करने के लिए बने हुए हैं। रावण के ऊपर जो टोपी लगी हुई थी उसका रंग हरा किया हुआ था तो भला इसमें सरकार की क्या गलती ? हद है इस पत्रकार की जिसने ये खबर लिखी है की मुख्यमंत्री ने फूंका हरी टोपी वाला रावण। में सिर्फ इतना लिखना चाहता हूँ की इस तरह की खबरें बनाकर तुम्हारे जैसे लोग प्रदेश में एक अलग तरह की राजनीती को पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं अपने निजी स्वार्थ के लिए या फिर किसी विपक्षी नेता की बोलने पर।