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जयराम सरकार का बड़ा फैसला हिमाचल के स्कूलों में लगेंगे पोक्सो बॉक्स, छात्राएं कर सकेंगी छेड़छाड़ होने की शिकायत

Viral Bharat / November 3, 2019

जयराम सरकार का बड़ा फैसला हिमाचल के स्कूलों में लगेंगे पोक्सो बॉक्स, छात्राएं कर सकेंगी छेड़छाड़ होने की शिकायत

शिमला के रोहड़ू के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से शिक्षक द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आने और ऐसी शिकायतें बढ़ने के बाद अब सभी शैक्षणिक संस्थानों में पोक्सो बॉक्स लगाने का फैसला लिया है। छात्राएं अपने साथ होने वाली छेड़छाड़ की लिखित शिकायतें इसमें डाल सकेंगी। ये बॉक्स स्कूल प्रधानाचार्य की निगरानी में हर हफ्ते खोले जाएंगे। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सरकार ने यह फैसला लिया है।

इसके अलावा आम जीवन में होने वाली घटनाओं के विरोध में आवाज उठाने को स्कूलों में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी लिखे जाएंगे। इन नंबरों के साथ सुरक्षा शपथ भी डिसप्ले बोर्ड पर लिखी जाएंगी या दीवारों पर पेंट कर लिखी जाएगी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत समग्र शिक्षा अभियान ने यह नई पहल की है। इसके अंतर्गत प्रदेश के स्कूल परिसरोें में एक डिसप्ले बोर्ड लगाया जाएगा। इस बोर्ड पर पुलिस, चाइल्ड लाइन, राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा, अस्पताल, अग्निशमन, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला उपायुक्त, स्कूल प्रिंसिपल, हेडमास्टर, राज्य काउंसलिंग हेल्पलाइन समेत अन्य विभागों के हेल्पलाइन नंबर लिखे जाएंगे।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.अमरजीत कुमार शर्मा ने वीरवार को इस संदर्भ में सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, आम जीवन में होने वाली घटनाओं के विरोध में आवाज उठाने जैसे उद्देश्यों के लिए यह पहल की जा रही है।

प्रदेश के स्कूलों में बीते कुछ समय से छात्राओं के साथ शिक्षकों की ओर से छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ने से कलंकित हो रहे गुरु-शिष्य के रिश्ते को बचाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय नई पहल करने जा रहा है। शिक्षकों को भी नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए टीचर ट्रेनिंग में अब एक विशेष सत्र जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार के आदेशानुसार निदेशालय ने इस बाबत प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है।

निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि जल्द सरकार की मंजूरी को प्रस्ताव भेजा जाएगा। देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों में शिक्षकों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। समय-समय पर होने वाले शिक्षकों के प्रशिक्षण के तहत यह पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद भी ली जाएगी। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को उनकी जिम्मेवारियों, गुरु और शिष्यों के रिश्ते और उनके दायित्वों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि एक शिक्षक की शर्मनाक हरकत से पूरे शिक्षक वर्ग पर सवाल उठते हैं। ऐसे में शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान चेताया जाएगा कि अगर किसी स्कूल में इस तरह के मामलों पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मानसिक तौर पर बीमार शिक्षकों की सूचना निदेशालय में देने को लेकर भी अपील की जाएगी।