राजनीती, राज्यों से, वायरल

इलाज के खर्चे की चिंता खत्म हिमकेयर योजना बनी प्रदेश की जनता का सहारा,अबतक हजारों मरीजों ने करवाया फ्री इलाज

Viral Bharat / November 15, 2019

शायद जिंदगी का सबसे बुरा वक्त वो होता है जब कोई व्यक्ति बीमारी से ग्रसित हो जाए और उपचार के लिए धन न हो। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर मरीज को जिंदगी की जंग से हार माननी पड़ती है! इन्हीं पहलुओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी के नेतृत्व वाली हिमाचल सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘‘हिमकेयर’’ नामक योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का उपचार निशुल्क किया जाता है। यही नहीं यह सुविधा कुछेक निजी अस्पतालों में भी शुरू करवाई गई है। ऐसे में जो योजना के पात्र व्यक्तियों का उपचार निजी अस्पतालों में भी निशुल्क होगा।

आपको जानकर हैरानी होगी की अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग हिमकेयर का कार्ड बनवा चुके हैं और अब तक 40 हजार से ज्यादा मरीज हिमकेयर योजना से अपना इलाज करवा चुके हैं जिसमें 38 करोड़ से ज्यादा जयराम सरकार खर्च कर चुकी है। जो कांग्रेस बार बार बोलती है जयराम सरकार ने अब तक किया क्या तो ये आंकड़े उनके मुहं पर तमाचा हैं। आपकी जानकारी के लिए हम यहां बता दें की ऐसी एक नहीं कई योजनाएं है जो जयराम सरकार शुरू कर चुकी है जिनका लाभ आज प्रदेश की आम जनता को हो रहा है।

हिमकेयर योजना के लिए इमेज परिणाम

केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में शुरू की गई ‘‘आयुष्मान भारत’’ योजना के अंतर्गत प्रदेश में शेष बचे परिवारों को 5 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सुरक्षा सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने ‘‘हिमकेयर योजना’’ को शुरू किया है। इस योजना में 5 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सुरक्षा सुविधा बिना किसी इंश्योरैंस प्रीमियम के प्रदान की जाएगी।अभी इस योजना के तहत लाखों लोग अपना पंजीकरण करवा कर कार्ड बना चुके हैं और अब जनवरी महीने से दो या तीन महीने के लिए ये योजना फिर शुरू होगी ताकि बचे हुए लोग जो गरीब परिवार से आते हैं वो भी ये कार्ड बना सकें।

हिमकेयर योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा प्रीमियम की दरें निर्धारित की गई हैं। इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी वाले (जोकि आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत नहीं है) और मनरेगा के अंतर्गत जिन्होंने बीते वर्ष 50 दिन या उससे अधिक कार्य किया है, से प्रीमियम नहीं लिया जा रहा है।इसके अतिरिक्त एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, 70 वर्ष की आयु से अधिक वरिष्ठ नागरिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील कार्यकर्ता, दिहाड़ीदार ( सरकारी, स्वायत्त संस्थानों, सोसायटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी), अनुबंध कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मचारी से केवल 365 रुपए और उपरोक्त के अतिरिक्त जो व्यक्ति नियमित सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत कर्मचारी नहीं है, केवल 1000 रुपए देकर योजना के अंतर्गत कार्ड बनवा सकते हैं।