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निकले थे सरकार के खिलाफ आंदोलन करने लेकिन खुल गयी कांग्रेस की सियासी जंग की पोल,मचा नेताओं में हड़कंप

Viral Bharat / November 15, 2019

जयराम सरकार जब से सत्ता में आई है तब से लेकर आज तक पूरी सरकार प्रदेश सेवा में लगी हुई है। जमीन से उठे नेता जयराम ठाकुर जी जोकि आज मुख्यमंत्री पद पर बैठे हैं प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए एक के बाद एक बड़े कदम उठा रहे हैं। आज के समय प्रदेश की कांग्रेस पार्टी के पास जयराम सरकार के खिलाफ एक भी मुद्दा नहीं है जबकि जयराम सरकार के दो साल पुरे होने जा रहे हैं। जयराम सरकार मोदी सरकार की तरह ईमानदारी से आगे बढ़ रही है सिर्फ विकास और सबका साथ।

इन्वेस्टर्स मीट ने हिमाचल को आज दुनिया के मानचित्र पर ला खड़ा किया है। प्रदेश में इस तरह की इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन कोई छोटी बात नहीं है यही वजह है आज गुपचुप तरिके से खुद कांग्रेस नेता इन्वेस्टर मीट की तारीफ़ करते हुए पाए गए हैं। कांग्रेस प्रदेश की जनता की नजरों में बहुत ज्यादा निचले स्तर पर पहुँच चुकी है इन्वेस्टर मीट का विरोध करके खुद कांग्रेस ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी हैं। युवा हो या बड़े हों सब एकसुर में एक ही बात बोल रहे हैं आज से पहले किसी ने इस तरह की शुरुआत नहीं की किसी ने युवाओं के रोजगार के बारे में नहीं सोचा लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इतने कम वक़्त में युवाओं के रोजगार को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में इतनी बड़ी इन्वेस्टर मीट करवा दी जो सफल भी हुई। आज हजारों करोड़ों का निवेश प्रदेश में आ रहा है सिर्फ जयराम सरकार की वजह से ये हुआ है।

ख़ैर अब बात करते हैं कांग्रेस के अंदर मची अंतर् कलह की महंगाई के खिलाफ शुरू किए आंदोलन के बहाने कांग्रेस में ही सियासी जंग छिड़ गई है।जयराम सरकार के खिलाफ इस समय प्रदेश कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है.तो इस वजह से कांग्रेस वाले केंद्र सरकार को घेरने निकले थे लेकिन इस प्रदर्शन के साथ साथ एक सदमा इन्हे लगा हुआ था की कोर्ट ने राफेल मुद्दे पर राहुल गाँधी के आरोपों की हवा निकाल रखी थी। हालांकि गुरुवार को शिमला में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का आंदेलन था, लेकिन प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल के मुहं से वो बात निकल गयी जिसने दिखा दिया किस तरह से कांग्रेस कई गुटों में बनती हुई है।

रजनी पाटिल ने कहा है कि कांग्रेस को उन नेताओं की कोई जरूरत नहीं है, जो पार्टी के भीतर झगड़ा फैलाते हैं। पार्टी ने सब नेताओं को पूरा मान-सम्मान दिया है, फिर भी अगर कोई आपस मे मतभेद पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसको पार्टी से बाहर कर दिया जाना चाहिए। रजनी पाटिल के इस बयान के बाद से ही अंदर ही अंदर कांग्रेस के कार्यकर्ता एक दूसरे से चर्चा करते हुए पाए जा रहे हैं जिसमें एक के बाद एक बड़े नेताओं पर आरोप वो लगा रहे है.जिस तरह से रजनी पाटिल का ये बयान आया है सूत्रों की माने तो उससे कांग्रेस के कई बड़े नेता भी गुस्से में है.ये पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस के अंदर की कलह इस तरह से सामने आई हो,लेकिन इस बार ऐसा बयान तब आया है जब कांग्रेस वाले सत्ता पक्ष की पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हों ऐसे में अब सवाल उठना लाजमी ही है।

आपको याद होगा की लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। उसी तरह की हालत कांग्रेस की उपचुनाव में हार के बाद हुई है जब एक दूसरे को कोसते हुए वो हार का ठीकरा फोड़ रहे हों। जिस तरह से कांग्रेस के धर्मशाला प्रत्याशी ने हार के बाद बयान दिया था बड़े नेता को लेकर उससे ही कांग्रेस की बिगड़ी स्थिति का अंदाजा प्रदेश की जनता को हो गया था। अपना घर संभल नहीं रहा और चले हैं दूसरों के घरों पर पत्थर बरसाने।