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हिमाचल सरकार की युवा आजीविका योजना से लोन लें, करें कारोबार

युवा आजीविका योजना नाम की इस स्कीम में सरकार बेरोजगार युवाओं को 30 लाख रुपये तक के लोन पर 25 फीसदी सब्सिडी और उसके ब्याज पर पहले साल 8% की सब्सिडी देती है.

अगर आप भी अपना काम करना चाहते हैं और पूंजी की दिक्कत महसूस कर रहे हैं तो आप हिमाचल प्रदेश सरकार की युवा आजीविका योजना का लाभ उठा सकते हैं. प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या दूर करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वरोजगार स्कीम युवा आजीविका योजना शुरू की है.

युवा आजीविका योजना नाम की इस स्कीम में सरकार बेरोजगार युवाओं को 30 लाख रुपये तक के लोन पर 25 फीसदी सब्सिडी और उसके ब्याज पर पहले साल 8% की सब्सिडी देती है.

युवा आजीविका योजना में बेरोजगार युवक अपनी पसंद के किसी भी कारोबार के लिए सरकारी लोन योजना का लाभ उठा सकते हैं. युवा आजीविका योजना जुलाई 2018 में ही शुरू की गयी है.

युवा आजीविका योजना के तहत किसी युवा उद्यमी को 30 लाख रुपये तक के लोन के ब्याज पर 8% तक सब्सिडी मिलती है. दूसरे साल में ब्याज सब्सिडी छह फीसदी और तीसरे साल में चार फीसदी हो जाती है.

युवा आजीविका योजना के तहत प्रदेश के 18 से 40 साल के युवाओं को खुदरा व्यापार, दुकान, रेस्टोरेंट, टूर ऑपरेटर, साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म), परंपरागत शिल्प आदि कारोबार शुरू करने पर लोन मिलता है.

योजना में लोन की रकम पर 25% तक की सब्सिडी (भूमि व मकान को छोड़कर) मिलती है. युवा आजीविका योजना में युवतियों व महिलाओं को लोन पर 30% तक सब्सिडी मिलती है.

अगर युवा आजीविका योजना के तहत कोई बेरोजगार युवा जमीन और भवन किराए पर लेता है तो उसकी प्रक्रिया में 6% स्टांप ड्यूटी की जगह 3% की दर से ही ड्यूटी ली जाती है.

इस साल के बजट में जयराम ठाकुर की सरकार ने योजना के लिए 75 करोड़ का बजट प्रावधान किया है. सरकार का यह मानना है कि अगर कोई युवा इस योजना के तहत अपना कारोबार शुरू करता है तो 30 लाख रुपये के निवेश से शुरू होने वाले काम में कम से कम 5-10 और युवाओं को काम मिलेगा.

इससे प्रदेश में बेरोजगारी दर को कम करने में खासी मदद मिल सकती है.युवा आजीविका योजना के उद्देश्य
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. प्रदेश में पहले से कई मशहूर टूरिस्ट स्पॉट भी हैं. इनमें शिमला, कसौली, डलहौजी, धर्मशाला एवं कांगड़ा जैसी जगहें शामिल हैं.

राज्य सरकार चाहती है कि युवा पर्यटकों को सुविधा पहुंचाने और उसके जरिये कमाई करने के हिसाब से अपना कारोबार शुरू करें. इसे देखते हुए सरकार ने बेरोजगार युवाओं को 30 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है.

मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना के लाभ
हिमाचल के युवाओं को कारोबार के लिए कम ब्याज दर पर लोन मिलता है.
लोन की रकम पर 25% तक की सब्सिडी (भूमि व मकान को छोड़कर) मिलती है.
बेरोजगार युवा कारोबार/उद्यम/ कामकाज के लिए राज्य सरकार से लोन ले सकते हैं.
हिमाचल में बेरोजगारी दर घटेगी.
इन उद्यम में बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा.

युवा आजीविका योजना का लाभ उठाने की शर्त
युवा आजीविका योजना 18 से 40 साल के बेरोजगार युवाओं के लिए है.
आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी हो.
आवेदक के पास आमदनी का कोई स्थायी स्रोत नहीं होना चाहिए.
युवा आजीविका योजना में बेरोजगार युवाओं की जाति, रंग, धर्म आदि से कोई अंतर नहीं पड़ता.
युवा आजीविका योजना में बेरोजगार युवाओं को 30 लाख रुपये के लोन पर ब्याज सब्सिडी मिलेगी.

युवा आजीविका योजना में आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदक के पास आधार कार्ड होना चाहिए.
आवेदनकर्ता के पास उम्र प्रमाण पत्र होना चाहिए.
बेरोजगार युवा का बैंक अकाउंट होना भी जरूरी है.
आवेदक के पास हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए.
एक एफ्फिडेविट जिसमें आपके जॉब नहीं करने का जिक्र हो.

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