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सीएम जयराम ने मांगी 1100 की स्टेटस रिपोर्ट,विधानसभा शीत सत्र से पहले होगी अहम समीक्षा ढील बरतने वाले विभागों की ख़ैर नहीं

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेश में शुरू होने के बाद से ही प्रदेश की जनता की शिकायतें घर बैठे बैठे निवराण हो रही हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी खुद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर निगरानी रखते हैं। जो भी विभाग शिकायतों के निवारण में ढील बरतेगा उसके ऊपर करवाई होना भी तय है। ये सिर्फ बोलने की बात नहीं है करवाई पिछले महीने ही हुई थी उन अधिकारीयों पर जो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आई शिकायतों के निवारण में ढील बरत रहे थे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी ने सेवा संकल्प 1100 नंबर हेल्पलाइन की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। हालांकि बीते 17 सितंबर को मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों से लेकर समस्याओं का निपटारे की समीक्षा की है, लेकिन अब दो माह पूरे होने पर उन्होंने आईटी विभाग से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक शीत सत्र से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आईटी विभाग के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। उसी बैठक में वे पूछेंगे कि अब तक कितनी शिकायतें आई और कितनों का निपटारा किया गया।

ऐसे में लंबित समस्याओं का निपटारा न कर पाने वाले अफसरों पर भी गाज गिर सकती है। हेल्पलाइन को शुरुआत में शानदार रिस्पांस मिल रहा है। जन शिकायतों को निपटाने का यह सरल और त्वरित माध्यम लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि महज दो माह पांच दिन में ही एक लाख 17 हजार 886 कॉल्स आ चुकी है। इसके अलावा दो फीसदी कॉल्स अनअटेंडिड गई हैं। क्योंकि 30 सीटों वाले कॉल सेंटर की सभी लाइनें व्यस्त थीं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक लाख 17 हजार 886 कॉल्स में से 29 हजार 226 शिकायतें आई हैं, जिसमें से 16 हजार 794 का निपटारा किया गया, जबकि 6419 शिकायतों पर काम चल रहा है। बताया गया कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 नंबर पर अधिकांश शिकायतें सड़क, बिजली, पानी, स्कूलों में अध्यापक और परिवहन निगम की बसों से संबंधित हैं। दो महीने पांच दिन में इस हेल्पलाइन पर पांच हजार 447 सुझाव और 1521 मांगे भी आईं, जिसमें हिमाचल परिवहन निगम से संबंधित एक हजार सुझाव आए, जिसमें 330 पर सरकार ने गौर किया।

सामने आएंगे डिफाल्टर विभाग

17 सितंबर को शुरू की गई इस हेल्पलाइन को 17 नवंबर को पूरा महीना हो गया है। इसे देखते हुए अब मुख्यमंत्री ने आईटी विभाग से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। विधानसभा शीत सत्र से पहले मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी इसकी समीक्षा करेंगे।

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