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जयराम सरकार में नशे पर एक बार फिर करारा वार,चरस तस्करी के आरोपियों की 90 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त

नशे के खिलाफ जयराम सरकार कड़े कदम उठा रही है। पुलिस भी नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी करवाई कर रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी पहले ही साफ़ कर चुके हैं देवभूमि को नशा तस्करों के चुंगल से आजाद करवाकर रहेंगे। विजिलेंस टीम पर हमला करने वाले चरस तस्करी के तीन मुख्य आरोपियों हेमराज, नारायण दास और रामलाल की करीब 90 लाख रुपये की संपत्ति को विजिलेंस ने जब्त करके राजस्व विभाग के साथ अटैच कर दिया है। इन संपत्तियों में तीन ट्रक, एक कार, एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक स्कूटर और लगभग 27 लाख रुपये की लागत का एक निर्माणाधीन मकान भी है। वहीं, विभिन्न बैंकों में आरोपियों के नौ खातों को भी सीज किया गया है।

इन सभी संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी, प्रशासक और एनडीपीएस से अनुमति तक न तो हस्तांतरित किया जा सकता है, न ही इन्हें बेचा या खरीदा जा सकता है। अपनी तरह का यह एक अनूठा मामला है, जहां चरस तस्करी के आरोप में पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद विजिलेंस की टीम पूरे नेटवर्क के किंगपिन तक पहुंची।

इसमें कुल छह गिरफ्तारियां हुईं, जिसमें एक को सरकारी गवाह बनाकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया। एएसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी और प्रशासक (सेफमा एफओपी) और एनडीपीएस अधिनियम नई दिल्ली ने आरोपियों को संपत्तियों को साबित करने का उचित समय दिया था लेकिन आरोपी संपत्तियों का सही ब्योरा नहीं दे पाए। लिहाजा, संपत्तियां सीज करके राजस्व विभाग के साथ अटैच कर दी हैं।
इस तरह ध्वस्त किया पूरा नेटवर्क

उल्लेखनीय है कि विजिलेंस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों भाई हेमराज और नारायण दास को सुंदरनगर और नेरचौक के बीच पकड़ा। दोनों भाई बुलेट में सवार थे और मौके पर विजिलेंस टीम पर दोनों ने हमला कर दिया। लेकिन दोनों को एएसपी विजिलेंस कुलभूषण की अगुवाई में धर दबोचा गया। दोनों से मौके पर चार किलोग्राम चरस और मोटरसाइकल बरामद किया था।

चरस के साथ धरे गए दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ में पता चला कि राम लाल निवासी पधर ड्रग तस्करी के नेटवर्क का मास्टर माइंड है, जो बंजार इलाके से चरस एकत्र करने के लिए सतेंद्र कुमार और देवेंद्र कुमार का इस्तेमाल करता है और दूसरे दलों को भी सप्लाई करता है। प्रयासों के बाद तीन को गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी गिरफ्तारी के बाद से सभी पांच न्यायिक हिरासत में हैं। जांच से यह भी पता चला कि नारायण दास को पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के लिए गिरफ्तार किया गया था। मामले में वित्तीय जांच शुरू हुई तो पता चला कि हेमराज, नारायण दास और राम लाल ने चरस की तस्करी से वाहनों और अचल संपत्तियों का अधिग्रहण किया है। इन तीनों की करीब नब्बे लाख की संपत्ति को सीज किया गया है।

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