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प्रीणी पहुंच सीएम जयराम ने पूजा-अर्चना कर दी स्वर्गीय अटल जी को श्रद्धांजलि,एक बूटा बेटी के नाम योजना का किया शुभारंभ

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर जी प्रीणी पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस दौरान पूजा अर्चना भी की। उन्होंने कहा कि अटल देश के नहीं बल्कि विश्व के नेताओं में से एक थे। उनका हिमाचल और मनाली के साथ गहरा संबंध था।

मनाली आकर उन्होंने कविताएं लिखीं और लोगों के साथ अपनी भावनाएं रखीं। सीएम ने कहा कि यहीं से उन्होंने रोहतांग टनल बनाने की बात कही थी। कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को रोहतांग टनल को अटल के नाम से रखने के लिए पहली कैबिनट में प्रस्ताव भेजा था जिसे प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसका नाम अब अटल के नाम पर करने को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि रोहतांग टनल न केवल लाहौल के लोगों को बारह महीने जोड़कर रखेगी बल्कि इसका सामरिक महत्व भी है। सीएम जयराम ठाकुर जी ने आगे कहा कि टनल के नोर्थ पोर्टल और साउथ पोर्टल को पर्यटन से जोड़ा जाएगा।

सीएम जयराम ठाकुर जी ने इस दौरान एक बूटा बेटी के नाम से योजना का भी शुभारंभ किया। इसका मकसद पर्यावरण को बढ़ावा देना और वन क्षेत्र के दायरे को बढ़ाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी एक बूटा बेटी के नाम में पूरा सहयोग करने की बात कही।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी ने मनाली में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर एक बूटा बेटी के नाम योजना शुरू की। सीएम जयराम जी ने प्रीणी में सात परिवारों के घर जन्म लेने वाली बेटियों को पौधा और अन्य सामग्री वितरित की। प्रीणी की अवीरूधि, सानवी, शूरू की राविया, कौशला साहिनूर, वशिष्ठ की दिपयांका और सामयारा तथा चाचोगा की काशवी के माता-पिता को मुख्यमंत्री ने पौधे वितरित किए।

उन्होंने ने कहा कि योजना के तहत प्रदेश में जन्म लेने वाली हर बेटी के नाम पर उसके माता-पिता पांच पौधे लगाएंगे। 20 सितंबर के बाद प्रदेश में पैदा होने वाली बेटी के परिवार को वन विभाग पांच पौधे, बेटी के नाम की पट्टिका, 20 किलोग्राम केंचुआ खाद के साथ हर जानकारी उपलब्ध करवाएगा।

जिस घर में बेटी का जन्म होगा, उसके माता-पिता को वन विभाग के कर्मचारी स्वयं यह सामग्री देंगे। उन्हें कोई आवेदन नहीं करना पड़ेगा। पौधों का रखरखाव विभाग करेगा। इस योजना से समाज को बेटियों के अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ पर्यावरण संरक्षण के साथ सभी को जोड़ा जाएगा।

ये पौधे निजी भूमि, वन या स्मृति वाटिका में रोपे जा सकते हैं। पौधरोपण मानसून और शरद ऋतु में वन रक्षक या वन कर्मी की देख-रेख में किया जाएगा। यदि पौधा सूख जाता है तो नया पौधा उपलब्ध करवाया जाएगा। निजी भूमि पर रोपित पौधों के दोहन के लिए हिमाचल प्रदेश भू-संरक्षण अधिनियम, 1978 की धारा 4 और धारा 7 के अंतर्गत छूट दी जाएगी।

स्मृति वाटिका तथा वनों में रोपित पौधों से फल, फूल और घास पत्ती लेने का अधिकार रहेगा। योजना में अगले साल लगभग 37500 बेटियों के माता-पिता को पांच-पांच पौधे दिए जाएंगे। पांच सालों में लगभग 11,50,000 पौधे रोपने का अनुमान है। इस दौरान मंत्री सरवीण चौधरी और गोविंद ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय कुमार आदि उपस्थित थे।

मनाली से वापस लौटने के बाद मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने अधिकारियों के साथ 27 तारीख को होने वाले समारोह स्थल का निरीक्षण किया। सरकार के 2 साल पूरे होने पर 27 तारीख को समारोह है जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं गृहमंत्री अमित शाह समारोह में हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं।

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