राजनीती राज्यों से वायरल

जयराम सरकार में प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ता हुआ,हिमाचल प्रदेश ‘थीम स्टेट’ के रूप में सूरजकुंड शिल्प मेले में भाग लेगा इस सराहनीय कदम से हिमाचल को मिलेगी एक अलग पहचान

जयराम सरकार हर क्षेत्र में कुछ ना कुछ नया करती हुई नजर आ रही है। अपने अब तक के दो साल के कार्यकाल में प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे ले जाने के लिया जयराम सरकार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी के नेत्तृव में हर सफल प्रयास किये हैं। हरियाणा के सूरजकुंड में हिमाचली संस्‍कृति की झलक दिखेगी। फरवरी 2020 में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में पर्यटक हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों व लोक संस्कृति का दीदार करेंगे। मेला का थीम स्टेट इस बार हिमाचल प्रदेश होगा। सूरजकुंड मेला हर साल फरवरी माह के पखवाड़े में होता है। यहां देश-विदेश से लाखों लोग मेला देखने आते हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश 1996 में थीम स्टेट रहा था। सूरजकुंड मेले में विश्व के 50 से अधिक देश अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करने के लिए आते हैं। देश के सभी राज्यों के कलाकार मेले में शिरकत करते हैं।आप सभी प्रदेश वासियों को जानकार ख़ुशी होगी कि हिमाचल प्रदेश पयर्टन, सांस्कृतिक धरोहर, व्यंजन एवं हिमाचली उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग, उद्योग विभाग, भाषा, कलाऔर संस्कृति विभाग व पर्यटन विकास निगम के माध्यम से प्रदेश ‘थीम स्टेट’ के रूप में 34 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-2020 में भाग ले रहा है।

ये अपने आप में एक बहुत ही सराहनीय प्रयास है। प्रतिष्ठित सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 1 से 16 फरवरी, 2020 तक सूरजकुंड, फरीदाबाद (हरियाणा) में आयोजित किया जा रहा है। ‘थीम स्टेट’ के रूप में इस बार विभाग ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक कला और संस्कृति को एक स्थान पर दिखाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं।

16 दिनों के शिल्प मेले के दौरान, मेला मैदान में प्रतिदिन हिमाचली सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 4 फरवरी, 2020 को हिमाचली सांस्कृतिक संध्या तथा 9 फरवरी, 2020 को एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर रितु बेरी द्वारा एक फैशन शो का भी आयोजन किया जाएगा। हिमाचल के उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए 70 कारीगरों के स्टाॅल भी लगाए जाएंगे। मेले के दौरान विभिन्न प्रकार के हिमाचली व्यंजन परोसने के लिए हिमाचली व्यंजन स्टाॅल भी लगाया जाएगा।इससे हिमाचल व्यंजनों को अलग पहचान दूसरे राज्यों में मिलेगी साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी हिमाचल को फायदा होगा।

पर्यटन विभाग प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के माध्यम से राज्य को पर्यटन के दृष्टिकोण से प्रचारित करेगा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी 1 फरवरी को सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के उदघाटन अवसर पर तथा 16 फरवरी, 2020 को समापन अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

पर्यटन विभाग ने सूरजकुंड शिल्प मेला प्राधिकरण की परंपराओं के अनुसार ‘थीम स्टेट’ के रूप में मेला मैदान में पहाड़ी वास्तुकला के एक स्थाई द्वार तथा भीमाकाली मंदिर, सराहन के स्थाई स्मारक का निर्माण किया है। इसके अलावा, साक्य टंगयुद मठ स्पीति, चंबा मिलेनियम गेट, छिन्न मस्तिका शक्तिपीठ चिंतपूर्णी, चिंडी माता गेट करसोग और ज्वालामुखी मंदिर गेट की शैली में शिल्प मेला मैदान के प्रत्येक प्रवेश स्थल पर पांच द्वार और पारंपरिक शैली में एक ‘अपना घर’ भी स्थापित किए जाएंगे। पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों को जानकारी प्रदान करने और प्रदेश के अछुते पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित करने के लिए एक सूचना केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इससे पहले वर्ष 1996 में ‘थीम स्टेट’ के रूप में भाग लिया था।

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