राजनीती राज्यों से वायरल

जानिए कैसे जयराम सरकार की मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना से देवभूमि हिमाचल के युवा बन रहे उद्यमी

प्रदेश की जयराम सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए प्रदेश की जनता के लिए एक से बढ़कर एक अच्छी योजना को शुरू कर चुकी है। आज प्रदेश सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ युवाओं को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि प्रदेश के युवा वर्ग को नौकरी करने वाला ही नहीं बल्कि रोजगार दिलाने वाला बनाना है।सरकार ने मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना पर जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार ढूंढने के बजाय रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए प्रेरित करना है।

मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रोत्साहनों का भी प्रावधान है। सभी चिन्हित नए विचारों वाले प्रशिक्षुओं को एक वर्ष तक प्रति माह 25 हजार रुपए का आजिविका भत्ता प्रदान किया जा रहा है। अपने नए विचार को व्यावहारिक रूप से कार्यान्वित करने के बाद विपणन के लिये अधिकतम 10 लाख रुपए का अनुदान किया जा रहा है। स्टार्ट-अप के लिए राष्ट्रीय एवम् अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट फाईल करने के लिये क्रमशः 2 लाख रुपए तथा 10 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसी प्रकार इनक्युबेटर में सभी प्रशिक्षुओं के लिए संबंधित आधारभूत ढांचे को तैयार एवं विकसित करने के लिये भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के अंतर्गत कृषि, स्वच्छ तकनीकी पर आधारित नए विचारों का सृजन, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, बायोटैक्नोलोजी आदि पर विशेष बल दिया गया है। योजना के अंतर्गत एक बेहतर ईको सिस्टम को स्थापित करने की दिशा में भी दिशानिर्देश दिए गए हैं, जिसमें इनक्यूबेटर की स्थापना, प्रमाणपत्रों को स्वयं प्रमाणित करना, तीन वर्षों तक किसी भी प्रकार के निरीक्षण से छूट आदि को शामिल किया गया है। इस दिशा में राज्य सरकार ने दस इनक्यूबेटर जोकि मुख्यतः सरकारी क्षेत्रों में स्थापित आधुनिक शिक्षण संस्थान हैं, को शामिल किया है।

योजना के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों एवं बस्तियों में सुक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध करवाई जाती है। भूमि के क्रय के लिए जरूरी स्टैंप ड्यूटी को केवल 3 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। राज्य प्रदूषण बोर्ड द्वारा ली जा रही पंजीकरण फीस में भी छूट प्रदान की जा रही है। लघु क्षेत्रों में 25 लाख रूपये के निवेश के स्टार्टअप को 3 वर्षों तक 5 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा क्रय की जाने वाली वस्तुओं में ऐसे स्टार्टअप से कुल ऑर्डर का 30 प्रतिशत क्रय करना अनिवार्य किया गया है। प्रदेश में उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए प्रति वर्ष वार्षिक उद्यमी पुरस्कार के अन्तर्गत प्रथम स्थान के लिए 1 लाख रुपए, द्वितीय स्थान के लिए 75 हजार रुपए तथा तृतीय स्थान के लिए 50 हजार रूपये का नकद ईनाम प्रदान किया जाता है। इस योजना में अभी तक कुल 654 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से पात्र 334 आवेदन इन्क्यूबेशन सेंटर को भेजे जा चुके हैं। अभी तक 97 इनक्यूबेटी को इन्क्यूबेशन सेंटर के द्वारा चयनित किया गया है। 45 इनक्यूबेटी अपना इन्क्यूबेशन पूरा कर चुके हैं। 25 इनक्यूबेटी अपना स्टार्टअप वाणिज्यीकृत कर रहे है और 44 इनक्यूबेटी अभी इन्क्यूबेशन में है।

Related posts

तीसा वासियों का खत्म हुआ 50 साल का इंतजार,मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की घोषणा के बाद ख़ुशी से झूमे लोग

Viral Bharat

जिसे संरक्षण देती आई थी कांग्रेस वो भ्रस्ट अधिकारी जयराम सरकार में हुआ निलंबित भ्रस्ट अफसरों को सरकार का साफ़ संकेत बख्शे नहीं जायेंगे

Viral Bharat

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल हो रही है Fake News, जिसमें हिमाचल सरकार में नए मंत्री कौन होंगे दिखाया गया है

Viral Bharat