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Himachal News – कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में सब एक,सर्वदलीय बैठक में अहम फैसले

देश भर में हड़कंप मचा रहे कोरोना वायरस से बचने के लिए हिमाचल प्रदेश ने भी खुद को आइसोलेट करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में रविवार सुबह सात बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक जनता कर्फ्यू रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कोरोना वायरस के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, 14 मार्च, 2020 को हिमाचल प्रदेश महामारी (कोविड-19) नियम एवं विनियमों-2020 अधिसूचित करने वाला देश का पहला राज्य है।

सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, माकपा विधायक राकेश सिंघा, माकपा नेता संजय चौहान भी मौजूद हुए।

अहम बातें –

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और मुनाफाखोरी से सख्ती से निपटा जाएगा।
  • सरकार ने विभिन्न सार्वजनिक उपयोगिता बिलों जैसे बिजली, पानी आदि के भुगतान की तिथि को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के स्थगित करने का निर्णय लिया है।
  • राज्य सरकार उन संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, जो पृथकीकरण से बचते हैं।
  • सरकार ने राज्य में पांच निर्माताओं से अधिक तादाद में सेनेटाईजर बनाने के लिए कहा है।
  • सभी अध्यापकों को 31 मार्च, 2020 तक स्कूल न आने की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि केवल आपात स्थिति में संबंधित उपायुक्त अध्यापकों की सेवाएं ले सकते हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश में जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त भण्डारण है। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर, पेरा मेडिकल स्टाफ, पुलिस कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मचारियों को पर्याप्त स्वच्छता किट्स उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
  • हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय 31 मार्च तक बंद कर दिया है। छात्रावासों को पहले ही खाली करवा दिया था। अब विवि में शिक्षक और गैर शिक्षक नहीं आएंगे।विवि के कुलसचिव घनश्याम चंद ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। एचपीयू में स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य, बिजली और सुरक्षा सेवाएं जारी रहेंगी।

सीएम जयराम ठाकुर ने राज्य में जनता कफ्र्यू को सफल बनाने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग का आग्रह किया ताकि लोगों को 22 मार्च को घर में ही रहने के लिए प्रेरित किया जा सके, जिससे यह वायरस समुदाय में न फैल सके। उन्होंने कहा कि इससे कोविड-19 वायरस के फैलने की श्रृंखला टूट जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता कफ्र्यू को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की बस सेवा तथा सभी अन्तर्राज्यीय वाहनों को 21 मार्च मध्य रात्रि से आगामी आदेशों तक निलम्बित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति की निगरानी के लिए राज्य और जिला नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है और हेल्पलाइन-104 चैबीस घण्टे काॅल सेंटर के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल काॅलेजों सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आइसोलेशन वार्डों की पहचान की गई है, जहां पर्याप्त संख्या में बिस्तरों की क्षमता है।

राज्य के तीन मेडिकल काॅलेज आईजीएमसी शिमला, कांगड़ा के टांडा में स्थित डाॅ. राजेन्द्र मेडिकल काॅलेज और नेरचैक मेडिकल काॅलेज को पाॅजिटिव मामलों के उपचार के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल काॅलेजों में एन-95 मास्क सहित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि वे छोटी बीमारियों के लिए अस्पताल जाने से बचें।

22 मार्च को नहीं चलेंगी बसें
सरकार के अनुसार 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू को देखते हुए प्रदेश में सभी प्रकार की बस सेवाएं बंद रहेंगी। वहीं, आगामी आदेशों तक 21 मार्च 2020 मध्यरात्रि से अंतरराज्यीय कांट्रेक्ट केरिज को भी बंद कर दिया जाएगा।राज्य पथ परिवहन निगम अपनी अंतरराज्यीय बस सेवाओं के रूटों को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है और आपातकालीन स्थिति में केवल दिल्ली, हरिद्वार और चंडीगढ़ के लिए ही निगम की बस सेवाएं संचालित होंगी।

इसके अतिरिक्त 21 मार्च मध्यरात्रि से आगामी आदेशों तक प्रदेश के भीतर एचआरटीसी व निजी बसों के संचालन में 50 प्रतिशत कमी की गई है और किसी भी बस में क्षमता के 70 प्रतिशत से अधिक सवारियां नहीं बिठाई जाएंगी।

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