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स्वदेशी वस्तुएँ अपनाये,देश को उन्नति की राह पर आगे ले जाने में अपना योगदान से जानिए स्वदेशी ब्रांड के बारे में

देश में कोरोना संकट के दौरान अपने पांचवे संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया। प्रधानमंत्री के इस नारे के पीछे स्वदेशी चीजें अपनाने का मूल मंत्र छिपा है। पीएम ने कहा कि कोरोना संकट ने हमें मुसीबत में डालने के साथ ही एक अवसर भी दिया है और हमें इस अवसर को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार होना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के जरिए देश के लोगों को एक बड़ी ताकत देने जा रही है मगर देश के लोगों को भी भारत को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम में जीजान से जुटना होगा।

प्रधानमंत्री के भाषण मैं लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने का बड़ा संदेश छिपा था। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के कारण जब पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हुआ तो ऐसे समय में हमें लोकल ने ही मदद की है और उसी ने हमारा जीवन बचाया है।

इसलिए हमें लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आगे आना होगा और इसे अपना जीवन मंत्र बनाना होगा। उन्होंने इस बाबत अपील करते हुए यह भी कहा कि जब तक हम लोकल के लिए वोकल नहीं बनेंगे तब तक हमारे लोकल प्रोडक्ट को बढ़ावा नहीं मिलेगा। इसलिए हर देशवासी का यह दायित्व है कि वह लोकल चीजों को बढ़ावा दे।

पीएम ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि जो ब्रांड आज ग्लोबल बन गए हैं, वह भी कभी लोकल ही थे। लेकिन उन ब्रांडों को वहां के लोगों का पूरा समर्थन मिला और उन्होंने उन उत्पादों का उपयोग करने में खुद को गौरवान्वित समझा और यही कारण है कि वह लोकल उत्पाद भी ग्लोबल ब्रांड बन गए। हमें भी इस चीज को समझना होगा और अपने लोकल उत्पादों को मजबूत ब्रांड बनाने के लिए आगे आना होगा। पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम इस संबोधन से साफ है कि देश में स्वदेशी चीजों को अपनाने की मुहिम और तेज होगी और सरकार इसके लिए अपनी पूरी ताकत झोंकेगी।

स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग से ही देश की आर्थिक उन्नति होगी। स्वाधीनता के वक्त से ही स्वदेशी का नारा लगाया जाता रहा है। आज के दौर में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना आवश्यक है।दुनिया भर के देशों में भारतीय युवा बेहतर कर रहे हैं। यूरोप के अधिकांश वस्तुएं भारतीय ही बनाते हैं। पहले विदेशों से हम सामान आयात करते थे। अब हम खुद सामान का उत्पादन कर रहें हैं और दूसरे देशों को निर्यात कर रहे हैं।

देश में खुशहाली तभी आएगी जब हम स्वदेशी उत्पाद अपनाएंगे।हमें अपने देश के लघु उद्योगों के बारे में सोचना चाहिए। सभी को देश में निर्मित सामान ही खरीदने चाहिए ताकि देश के किसान और जवान समृद्ध हो सकें। हम सभी को चाइना के उत्पादों का विरोध करना चाहिए।

चीन से बने सामान से हमारे मेहनत कश कारीगरों को नुक्सान पहुंच रहा है वहीं दूसरी और हमारे देश का पैसा दूसरे देश में जा रहा है जिसका सीधा असर हमारे देश के विकास पर हो रहा है।

आजकल मार्केट में इंडियन सामान कम मिलता है और चाइनीस ज्यादा मिलता है। हमें चाइनीस सामान का उपयोग नहीं करना चाहिए। सभी को देश का सामान ही खरीदना चाहिए। दुकानदार भी ग्राहकों को इंडियन सामान के बारे में जागरूक करें

हम चीन पर गोलियां तो नहीं चला सकते, लेकिन चीनी सामान का बहिष्कार करके चीन के पेट पर लात तो मार सकते हैं। इसके लिए प्रत्येक भारतीय को एकजुट होकर चीनी उत्पादों का जमकर विरोध करना होगा।

चीन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है। हमें चीन को आईना दिखाने के लिए अपने देश में ही निर्मित उत्पादों को ही खरीदना चाहिए चाहे वे महंगे ही क्यों हो।

सभी भारतवासियों से अपील है कि वे भारत में बनी चीजें इस्तेमाल करें और अपने देश के उद्योगों को वरीयता दें। इससे हमारे देश के किसान अन्य कामगार लोगों को दो वक्त की रोटी मिलेगी और समृद्धि आएगी।

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