राजनीती राज्यों से

कोरोना संकट में सरकार प्रदेश को संभाले जरूरतमंदों की मदद करे या फिर विशेष सत्र में विपक्ष को तैयारियों के बारे में बताये ?

हिमाचल प्रदेश में विपक्ष इस संकट की घड़ी में विशेष सत्र की मांग कर रहा है। विपक्ष जानना चाहता है कि जयराम सरकार कोरोना से लड़ने के लिए क्या कदम उठा रही है। विपक्ष की मांग को लेकर कुछ ऐसे सवाल जिनका जवाब जनता को भी देना चाहिए।

आपकी क्या राय है ?

*क्या कोरोना जैसे संकट की घड़ी में विपक्ष को विशेष सत्र की मांग करनी चाहिए ?
*क्या मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कोरोना के खिलाफ की जाने वाली तैयारियों की व्यवस्था को छोड़कर इस संकट के समय में विपक्ष के सवालों के जवाब देने चाहिए ?
*बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचलियों और राज्य में जरूरतमंदों को मदद पहुंचाने की बजाय क्या हिमाचल सरकार को विशेष सत्र में विपक्ष को ये बताना चाहिए कि सरकार ने कोरोना के खिलाफ अभी तक क्या-क्या कदम उठाए ?
*बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को वापस घर लाने और उनके क्वारंटीन, रहने, खाने, पीने की व्यवस्था को छोड़कर क्या सरकार को इस समय विपक्ष की मांग पर विशेष सत्र बुलाना चाहिए ?

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, कोरोना महामारी के बीच दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सार्थक चर्चा करने की जरूरत है। इसी संबंध में विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र दिया है और उस पर उचित कदम उठाने का आग्राह किया है। विपक्ष ने बीते मार्च के हुए बजट सत्र में भी कोविड-19 पर चर्चा की मांग की थी लेकिन किसी कारणवश कोरोना पर चर्चा नहीं हो सकी। ऐसे में अब दाे या तीन दिन को विशेष सत्र बुलाया जाए, ताकि पूरी स्थिति पर चर्चा हो सकी। सरकार का जो पक्ष है, वह भी जनसाधारण को पता लग सके।

ये भी पढ़े :- जयराम सरकार द्वारा शुरू से लेकर अब तक समय-समय पर उठाये गए उचित कदमों का लेखा जोखा जो विरोधियों के मुहं पर लगा देगा ताला

सीएम जयराम ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष पर काेराेना संकट में भी राजनीति करने का आराेप लगाया है। उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने को लेकर पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि नेता प्रतिपक्ष सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रहे ह नेता प्रतिपक्ष से वे यही कहना चाहते है कि पूरे देश में ही नहीं दुनिया में कोरोना फैला हुआ है। वे ऐसा कौन सा ऐसा इलाज ढूंढ़ कर लाए हैं, जिससे इसका इलाज हो सकता है। व्यवस्थाओं में हिमाचल बाकी राज्यों की तुलना में बेहतर है। संकट की इसी घड़ी में अनावश्यक रूप से राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पूरा प्रदेश जानता है कि हिमाचल कोरोना मुक्त होने की कगार पर था। सिर्फ एक मरीज उपचाराधीन था, लेकिन विपक्ष ने लगातार सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि हिमाचल सरकार बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को क्यों नहीं ला रही। सरकार ने उस वक़्त साफ़ किया था पूरी तैयारियां करके सबको लाया जायेगा सरकार ने तैयारियां की और बाहर फंसे लोगों को प्रदेश पहुँचाया। पर प्रदेश में लाने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाये इनको बाहर से क्यों लेकर आये ? आखिर किस स्तर की घटिया राजनीती पर उतारू है कांग्रेस ?

आपको बता दें कि हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोशल मीडिया मेंं काफी एक्टिव रहते हैं। यही कारण है कि उन्हें जब बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचलियों की तकलीफ के बारे में पता चला तो सरकार ने ई पास सुविधा और लोगों को वापस लाने के इंतजाम शुरू किए।

फिर बढ़े मामले तो विपक्ष हुआ हमलावर

विपक्ष की अपील और बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचलियों के बार-बार आग्रह पर जयराम सरकार ने सभी को वापस आने की अनुमति दी और ई-पास की सुविधा भी शुरू की, लेकिन जब हिमाचल में फिर से कोरोना के मामले बढ़ने शुरू हुए तो विपक्ष हमलावर हो गया। ऐसे वक़्त में राजनीती जो कर रहा है उसे सबक भी प्रदेश की जनता ही सिखाएगी।

आपको बता दें रेड जोन से जो प्रदेश वासी हिमाचल वापिस आये हैं उन्हें सरकार द्वारा बनाये गए कोरन्टाइन केन्द्रो में रखा गया है इसलिए प्रदेश वासियों को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि वो किसी के सम्पर्क में नहीं आये हैं।

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