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Lock-Down के दौरान हिमाचल से पड़ोसी राज्यों को भेजी 6.82 लाख क्विंटल हरे मटर व ऑफ सीजन सब्जियां

हिमाचल सरकार द्वारा लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश के किसानों को सुविधा उपलब्ध करवाने व आर्थिक नुकसान से बचाने को प्राथमिकता दी गई है। इसके अन्तर्गत किसान हित में अनेक कदम उठाए गए है ताकि कृषि कार्य निरंतर चलते रहें और किसानों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सके। प्रदेश में लाॅकडाउन लगाए जाने के बाद किसानों द्वारा प्रदेश में तैयार की गई 6.82 लाख क्विंटल हरे मटर, गोभी और अन्य विभिन्न प्रकार की ऑफ सीजन सब्जियां प्रदेश से बाहर पडोसीे राज्यों में भेजी गई हैं। इन सब्जियों को बाहरी राज्यों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के अधिकारियों ने पड़ोसी राज्यों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और किसानों कीे सब्जियों को पड़ोसी राज्यों में पहुंचाने और मार्केट उपलब्ध करवाने में हर संभव सहयोग किया। जिसके परिणाम स्वरूप कृषकों को उनके उत्पाद के अच्छे दाम मिल सके।

हिमाचल सरकार द्वारा कोरोना महामारी के दृष्टिगत किसानों व व्यापारियों की सुविधा के लिए किसान रथ मोबाइल ऐप भी लाॅन्च किया गया है। इसके माध्यम से किसानों व व्यापारियों को लगभग 5 लाख ट्रकों व 20 हजार ट्रैक्टरों की जानकारी उपलब्ध करवाई गई ताकि इस एप्प का उपयोग कर प्रदेश के किसान व व्यापारी अपनी कृषि उपज व अन्य विभिन्न प्रकार के सब्जी उत्पादों को राज्य के अंदर व राज्य के बाहर की विभिन्न मंडियों तक आसानी से पहुंचा सकें।

हिमाचल सरकार द्वारा किसानों को प्रदेश भर में लगभग 35164 क्विंटल धान, मक्की, चहरी और बाजरा सहित अन्य प्रकार के बीज विभिन्न कृषि योजनाओं के माध्यम से अनुदान दरों पर कृषि विक्रय केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा चुका है और बीज की मांग के अनुसार बीज की सप्लाई विभिन्न जिलों में कृषि विभाग के माध्यम से निरंतर जारी है ताकि बीज के लिए किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न उठानी पड़े। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा किसानों को विभिन्न सब्जियों के बीज भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं जिसके अन्तर्गत लगभग 11315 क्विंटल सब्जियों का बीज विभिन्न जिलों को उपलब्ध करवाया गया है। किसानों को पौध सुरक्षा सामग्री और कृषि औजार भी प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान दरों पर उचित मात्रा में उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि किसानों को कृषि कार्य करने में असुविधा न हो। कृषि विभाग द्वारा कृषकों की सुविधा व सहायता हेतु कृषि समर्पित रूम भी स्थापित किया है।

प्रदेश के किसानों द्वारा तैयार किए जाने वाले कृषि उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में बनाए गए 60 मार्केट यार्ड और 41 कलेक्शन सेंटर संकट के इस समय में लगातार क्रियाशील रहे और किसानों को उनके विभिन्न कृषि उत्पादों के क्रय-विक्रय की सुविधा उपलब्ध करवाई गई जिससे किसान अपने कृषि उत्पादों को आसानी से बेच सके। राज्य में कृषि मार्केट यार्डो व कृषि उत्पाद कलेक्शन सेंटरों के लगातार क्रियाशील रहने से प्रदेश में फल व सब्जियों की कोई कमी नहीं रही और किसानों को इस वैश्विक संकट के दौरान होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने में भी मदद मिली है। कृषि विभाग के निदेशक डाॅ. आर.के. कौंडल ने बताया कि प्रदेश के मध्य व निचले क्षेत्रों में गेंहू कटाई का कार्य लगभग पूरा हो गया है, और विभाग द्वारा किसानों से गेंहू बीज प्रक्योरमेंट का कार्य भी किया जा रहा है जिसके अन्तर्गत अब तक 14030 क्विंटल गेंहू बीज का भंडारण भी एफसीआई के माध्यम से किया जा चुका है। किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए गए हैं ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके और कृषि संबंधी कार्य निरंतर चलते रहे।

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