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शिक्षा के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ेगा हिमाचल, मुख्यमंत्री बोले, सरकार का गुणवत्ता-अधोसंरचना पर जोर

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री शनिवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य परियोजना निदेशालय रूसा प्रदेश में उच्च शिक्षा की पहुंच, समानता और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है।

रूसा के अंतर्गत मिलने वाला अनुदान नैक (एनएएसी) द्वारा मान्यता पर निर्भर करता है, जिसके कारण विभिन्न कालेजों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आरंभ होगी तथा इससे सभी कालेज नैक मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल कलस्टर विश्वविद्यालय मंडी की स्थापना रूसा के दिशा-निर्देशों अनुसार की गई है। भारत सरकार ने इस विश्वविद्यालय के लिए 55 करोड़ रुपए आबंटित किए हैं, जिसमें से 27.50 करोड़ रुपए आबंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में अधोसंरचना, 26 महाविद्यालयों में अधोसंरचना, चंबा जिला के लिल्लह कोठी में नए मॉडल डिग्री कालेज, डीएवी सेंटनरी महाविद्यालय कोटखाई और राजकीय महाविद्यालय चंबा के स्तरोन्नयन के लिए रूसा के अंतर्गत वर्ष 2018 में 92 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। बैठक में बताया गया की मुख्यमंत्री द्वारा की गई 194 घोषणाओं मे से 140 घोषणाओं को लागू कर दिया गया है तथा 54 घोषणाओं पर प्रक्रिया जारी हैं।

116.37 करोड़ रुपए

सीएम ने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान भवनों और शैक्षिक अधोसंरचना के लिए 116.37 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान इन मदों पर 114.36 करोड़ का बजट आबंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि 1171 निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 314 कार्य प्रगति पर हैं।

मिल रही क्वालिटी एजुकेशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 929 उच्च और 1871 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के अतिरिक्त 138 राजकीय महाविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न घटकों में 3,671.95 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं।

पढ़ाई में सूचना प्रौद्योगिकी का यूज

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग कोविड-19 महामारी के मद्देनजर छात्रों को पढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम प्रयोग सुनिश्चित कर रहा है। वभिन्न माध्यमों जैसे दूरदर्शन, रेडियो और सोशल मीडिया का प्रयोग बच्चों को पढ़ाने के लिए किया जा रहा है।

योजनाओं को लागू करें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राष्ट्रीय फ्लैगशिप योजनाएं जैसे छात्रवृति योजनाएं जैसे रूसा, स्वच्छ भारत अभियान, खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, एक भारत श्रेष्ठ भारत, भारत स्काउटस एंड गाईडस, इंस्पायर अवार्ड योजना, अटल टिंकरिंग लैब, साप्ताहिक आयरन फॅलिक ऐसिड सप्लिमेंटेंशन प्रोग्राम, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्रोग्राम, होस्टल सुविधाएं प्रदान करने के लिए आदि योजनाओं को अक्षरशः लागू करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं पर 98.98 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं।

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