राजनीती राज्यों से

बेसहारा सड़कों पर छोड़ी गए पशुओं को आसरा देने के प्रति सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है,प्रदेश सरकार ने मार्च 2021 तक हिमाचल प्रदेश को बेसहारा पशु मुक्त बनाने का संकल्प लिया है।

हिमाचल प्रदेश गौहत्या रोकथाम अधिनियम के तहत गौहत्या पर 5 वर्ष के कठोर कारावास अथवा 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। आवश्यकता अनुसार प्रदेश सरकार अधिनियम में संशोधन करेगी तथा कानून को और कड़ा किया जा सकता है। यह बात ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आज बचत भवन में जिला स्तरीय पशु कल्याण समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में जिला के गौ सदन संचालक शामिल हुए।

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कुछ वाहन चालक जानबूझ कर सड़क पर गौवंश को टक्कर मारते हैं, जिससे उनकी मौत हो जाती है। ऐसे मामलों को भी गौ हत्या ही माना जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि एक अगस्त से गौ सदन संचालकों को प्रदेश सरकार की ओर से प्रत्येक माह 500 रुपए प्रति गाय की राशि मिलना आरंभ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान, लोगों व संस्थाओं को इन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गौ सदनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसे आने वाले समय में बढ़ाया जाएगा। इस राशि का लाभ लेने के लिए गौ सदन संचालक जल्द से जल्द सभी औपचारिकताओं को पूरा करें तथा सोसाइटी बनाकर उसमें दो सरकारी सदस्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद से सड़क से गौवंश को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि गौशाला तथा घरों में रखे जाने वाले सभी पशुओं की टैगिंग की जाएगी ताकि उनका पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास रहे।

मार्च 2021 तक हिमाचल बेसहारा पशु मुक्त बनेगा
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मार्च 2021 तक हिमाचल प्रदेश को बेसहारा पशु मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य के 11 जिलों में गौ अभ्यारण्य स्थापित किए जा रहे हैं। थाना कलां में बनाए जा रहे गौ अभ्यारण्य सहित पांच गौ अभ्यारण्यों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि इस माह के अंत तक उन्हें क्रियाशील कर दिया जाएगा, जिससे सड़क पर बेसहारा गौवंश की समस्या समाप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से भी गौवंश को लाकर हिमाचल प्रदेश की सीमा के अंदर छोड़ा जा रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस मुस्तैदी के साथ कार्य करे।

पंचायती राज मंत्री ने कहा कि देसी गाय प्राकृतिक खेती का आधार है, इसलिए प्रदेश सरकार गौ विज्ञान केंद्र बनाने पर विचार कर रही है, जहां पर गाय की उन्नत नस्ल तैयार की जाएगी तथा उन्हें किसानों को प्रदान किया जाएगा। बैठक में जिला भाजपा अध्यक्ष मनोहर लाल, गौ सेवा आयोग के सदस्य कृष्णपाल शर्मा, उपायुक्त ऊना संदीप कुमार, एडीसी अरिंदम चौधरी, एसपी कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन, जिला पंचायत अधिकारी रमण कुमार शर्मा तथा पशु पालन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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