धर्म अध्यात्म

इस सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करना है तो ये बातें ध्यान में रखें होगी असीम कृपा

जैसा की सभी जानते ही हैं हिंदू धर्म में सावन का महीना काफी पवित्र माना गया है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान अगर श्रद्धा पूर्वक ढंग से महादेव की पूजा की जाए, तो वह प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं। आज हम सावन के इसी विषय पर बात करने जा रहे हैं।

आपको हम यहाँ बता देना चाहते हैं कि भोलेनाथ के इस सावन के महीने में ही माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या की थी। इसके बाद ही उनका विवाह महादेव के साथ हुआ। हमारे पौराणिक शास्त्रों के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु 4 महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इन 4 महीनों के दौरान भगवान शिव जगत का संचालन करते हैं। सावन का महीना भी इसी दौरान पड़ता है।

इस बार सावन माह की शुरुआत 25 जुलाई 2021 से हो रही है। सावन मास में कुछ कार्यों को गलती से भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव कुपित हो जाते हैं। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बता देना चाहते हैं कि ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जिनको सावन के महीने में भूल कर भी नहीं करना चाहिए।

सबसे पहले आप सभी जान ले कि सावन माह के दौरान मांस और मदिरा का सेवन बिल्कुल भी ना करें। मांस-मदिरा के सेवन से हमारा मन अशांत हो जाता है। इस महीने को काफी पवित्र माना गया है। ये भक्ति का महीना होता है। ऐसे में मन का शांत और शिथिल होना बहुत जरूरी है।दूसरी बात सावन के महीने में परिवार के भीतर किसी भी प्रकार का झगड़ा, लड़ाई और क्लेश नहीं करना चाहिए। ये महीना भगवान शिव और माता गौरी को समर्पित होता है, ऐसे में हमें परिवार के भीतर प्रेम बनाकर रखना चाहिए।

भगवान शिव के लिए जगत के सभी प्राणी एक समान हैं। अमीर-गरीब, वृद्ध, दुर्बल, पशु-पक्षी, जानवर, मवेशी सब उनकी निगाहों में एक समान हैं। सावन के महीने में किसी भी दुर्बल व्यक्ति या जीव जंतु को सताना नहीं चाहिए। इससे भगवान शिव गुस्सा हो जाते हैं।सावन के महीने में इस बात का खास ध्यान रखें कि दिन के समय नींद ना लें। अगर बहुत ज्यादा आवश्यक है तो आप आधे घंटे की नींद ले सकते हैं। इस महीने में भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए। इससे भगवान शिव अपने भक्तों के ऊपर कृपा दृष्टि बनाकर रखते हैं और उनकी हर मुराद को पूरी करते हैं।

भगवान शिव को धतूरा, बेलपत्र और भांग जरूर अर्पित करें। घर में अंगूठे के पोर के बराबर मिट्टी के शिवलिंग को बनाएं और उनकी पूजा करें। सावन में दूध और दूध से बनी चीजों का दान करें। भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा भी करें और शाम को आरती जरूर करें। सावन भर जब समय मिले ‘ऊ नमः शिवाय’ मंत्र का उच्चारण करते रहें।

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