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ताबड़तोड़ करवाई अभी भी जारी,सेनेटाइजर बना रहे उद्योगों में छापा, आबकारी विभाग ने बरामद किया सैकड़ों लीटर स्पिरिट

कोविड काल में सेनेटाइजर बनाने के नाम पर शुरू हुए उद्योगों की परतें अब आबकारी विभाग ने खोलनी शुरू कर दी हैं। सिलसिलेवार पूरे प्रदेश में ऐसे उद्योगों की जांच की जा रही है जिन्हें हाल-फिलहाल खोला गया है। बीते 48 घंटे से आबकारी विभाग की टीम ने दबिश अभियान चलाया हुआ है। इस दौरान सिरमौर जिला के कालाअंब और सोलन के बीबीएन क्षेत्र में दबिश दी गई। कालाअंब में निरीक्षण दौरान अल्कोहल के 19 ड्रम पकड़े हैं, इनमें से पांच ड्रमों में 580 बल्क लीटर उत्पाद पाया गया। इन सभी ड्रमों को सील कर दिया गया है और इनके सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। इसके अलावा इसी फैक्टरी में 149 बल्क लीटर अल्कोहल ज्यादा मात्रा में पाया गया। विभाग की टीम ने बद्दी और कालाअंब में स्पिरिट से उत्पाद बनाने वाली छह कंपनियों की जांच की है। इस दौरान दो कंपनियों के स्टाक में 532 बल्क लीटर डिनेचरड स्पिरिट अधिक पाई गई, जबकि चार अन्य मामलों में 460 बल्क लीटर अल्कोहल स्टॅाक में ज्यादा मात्रा में पाई गई।

बता दें कि विभाग ने मंडी में सामने आए जहरीली शराब कांड के बाद प्रदेश भर में यह अभियान छेड़ा है। इस कड़ी में सिरमौर के कालाअंब की एक फर्म ई-वे बिल की वजह से पकड़ में आई थी। इस फर्म ने सीएमओ धर्मशाला और मेडिकल कालेज पपरोला को सेनेटाइजर की सप्लाई की थी। इस सप्लाई का विवरण कागजों में तो था, लेकिन असल में दोनों विभागों ने सप्लाई न मिलने की बात जांच के दौरान कही गई और इसके बाद यह मामला सामने आया। इसके बाद विभाग ने पिछले 48 घंटे के दौरान छेड़े अभियान में अब बड़ी सफलता दर्ज की है। इसमें 15 मामले अब तक दर्ज किए जा चुके हैं। अब तक 1189 बल्क लीटर अल्कोहल, 532 बल्क लीटर डिनेचरड स्पिरिट, 19 ड्रम स्पिरिट सील की गई है, जबकि 29 पेटी अवैध शराब बरामद कर एक लाख 71 हजार रुपए जुर्माना भी वसूला है।

अनियमितता के सात मामले सामने आए

पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया है और इसमें विभाग को बड़ी सफलता भी मिली है। विभाग सभी अधिकृत लाइसेंस विक्रेताओं और मेन्युफेक्चर परिसरों का भी गहन निरीक्षण कर रहा है। विभाग के दक्षिण क्षेत्र उडऩ दस्ते की टीम ने संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर के नेतृत्व में उद्योगों की जांच के दौरान अनियमितताओं के सात मामले पकड़े हैं। इन सभी मामलों के संबंध में कार्रवाई की जा रही है।

जोगेंद्रनगर बॉटलिंग प्लांट से जुड़े तार

आबकारी विभाग ने प्रदेश भर में फैले शराब माफिया नेटवर्क के तार उधेड़ दिए हैं। मंडी के जोगिंद्रनगर स्थित गलू बॉटलिंग प्लांट से उजागर हुए मामलों की कडिय़ां एक के बाद एक पूरे प्रदेश में जुड़ती जा रही हैं। विभाग की टीम अब तक मंडी, पालमपुर, हमीरपुर, ऊना, सिरमौर और सोलन में दबिश दे चुकी है और यहां बरामद सभी साक्ष्य एक-दूसरे से मेल खाते हैं। विभाग ने इस अभियान में बड़ी संख्या में शराब की बरामदगी की है और दर्जनों लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। विभाग ने अपने ही चार अधिकारियों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।

विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों में दबिश के दौरान बड़े सुराग मिले हैं। यह वे उद्योग हैं, जो सेनेटाइजर बनाने के धंधे से जुड़े हैं और स्पिरिट की खरीद में संलिप्त रहे हैं। विभाग की टीम खरीदे गए स्पिरिट और इसके इस्तेमाल की जांच करेगी। फिलहाल, अभी तक उजागर मामले की बात करें तो जहरीली शराब मामले में अब तक हुई कार्रवाई में विभाग ने जोगिंदरनगर स्थित गलू बॉटलिंग प्लांट में सामने आए मामले के बाद सिलसिलेवार यह अभियान छेड़ा है।

अब तक नौ करोड़ जुर्माना वसूला

राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग आयुक्त युनूस ने बताया कि बीते कुछ माह में आबकारी अधिनियम के अंतर्गत चैकिंग के अंतर्गत 164 मामले अनियमितता के पकड़े हैं और इन मामलों में नौ करोड़ से अधिक जुर्माना लगाया है। विभाग पूर्ण रूप से सजग है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।

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