राजनीती राज्यों से वायरल

कांग्रेस का 85-15 का फ़ॉर्म्युला और मोदी जी का मास्टर स्ट्रोक

जाते-जाते हिमाचलियों के खाते में 200 करोड़ डाल गए और कांग्रेसी कहते है मोदी ने कुछ दिया ही नही

एक मिनट में किसान सम्मान निधि के रूप में डाल गए हिमाचलियों के खाते में 200,00,00,000 रुपए डाल गए

आज कल हाल हिमाचल कांग्रेस का हाल है उस अबोध बच्चे की तरह है, जो चॉकलेट को ही दुनिया की सबसे अमूल्य चीज़ मानता है। क्योंकि उसे सिर्फ़ अपने स्वाद का ज्ञान है, बाक़ी दुनिया से उसे क्या लेना-देना। कांग्रेस के ये नेता उस किसी भी चीज़ को महत्व नहीं देते जिसमें उन्हें स्वाद न मिलता हो। कहने का मतलब है कि उन्हें सिर्फ अपने लाभ से मतलब है। कांग्रेस के इस “भोलूपन” का कारण उसके अतीत में ही छुपा है। आगे उसे हम तफ़सील से बताएँगे।

आप स्व. इंदिरा गांधी के बेटे स्व. राजीव गांधी को याद करिए। जब वह प्रधानमंत्री थे तो खुले मंच से कहते थे कि हम दिल्ली से 100 पैसा देते हैं तो लोगों तक बमुश्किल 15 पैसे पहुँचते हैं। यानि 85 पैसे सिस्टम में बैठे इनके ही लोग खा जाते थे। लेकिन इमसें सुधार करने के बजाय कांग्रेस ने इसे अपनी संस्कृति मान लिया।

कहने का मतलब यह है कि कांग्रेसी तब तक किसी सरकारी काम या योजना को सफल नहीं मानते, जब तक कि उसकी 85 प्रतिशत राशि घूम फिरकर उनके पास ना आ जाए। इसलिए, कांग्रेसियों को आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दी गयी चीजें दिख नहीं रही क्योंकि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं से उनकी अपनी जेबें नहीं भर रही हैं। न इन्हें एम्स दिख रहा है, न केंद्र के पैसों से बने मेडिकल कॉलेज, न उनमें बन रहे ट्रॉमा सेंटर, न रोहतांग टनल, न ही हज़ारों करोड़ के रोपवेज़ और न हीं हज़ारों हज़ार करोड़ के नेशनल हाईवेज।

पहले के इन कामों को छोड़िए, आज पीएम मोदी ने हिमाचल प्रदेश की जनता के खातों में भारी भरकम रकम डाली लेकिन कांग्रेसी नेता चिल्ला-चिल्ला करके कह रहे हैं मोदी जी ने कुछ दिया ही नहीं। आज हिमाचल प्रदेश के 10 लाख परिवारों के खाते में सीधे 200,00,00,000.00 रुपये किसान सम्मान निधि के रूप में डाल गए। आप शून्य गिनने की ज़हमत ना उठाइए। यह हम बता दे रहे हैं कुल 200 करोड़ रुपए दिए गए। देश के 10.50 करोड़ परिवारों के खाते में कुल 21 हज़ार करोड़ रुपये शिमला के कार्यक्रम स्थल से ट्रान्स्फ़र किए। इनमें हिमाचल के 10 लाख किसान परिवार भी शामिल हैं।

मगर 85-15 के फेर में फ़ंसी कांग्रेस को यह बात नहीं समझ आ रही है

एक मिनट में हिमाचल के हर किसान परिवार के खाते में भले ही 200 करोड़ रुपए पहुँच गए हों, लेकिन कांग्रेसियों को यह नहीं नज़र आएगा क्योंकि जब तक 100 में से 85 उन्हें नहीं मिल जाते, तब तक उन्हें लगता ही नहीं कि काम हुआ है। अगर 200 करोड़ रुपये में से 170 करोड़ रुपये इनके खातों में पहुंचे होते, तब ये जरूर कहते कि हां, मोदी सरकार वाकई काम कर रही है।

कांग्रेस 85-15 का आँकड़ा भूल जाए, वक्त बदल गया है

अब वक्त बदल गया है। कांग्रेस की सरकार जैसा नहीं है कि केंद्र से लेकर राज्यों तक लूट मची रहे। अब शिमला के रिज मैदान से 21 हज़ार करोड़ रुपये और देश की जनता को दिए जाते हैं और यह पूरी की पूरी रकम सीधे उनके खाते में पहुंचती है। कहीं कोई लीकेज नहीं, कहीं कोई कमीशन नहीं। इसीलिए आज हर कांग्रेसी नेता हाहाकार कर रहा है। रो रहा है कि हिमाचल को कुछ नहीं दिया। वे चाहते हैं कि यह राग छेड़कर सत्ता में आएं और फिर वही 100 में से 85 गायब करने के दिन आएं। लेकिन अब तो ऐसा होने से रहा।

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